
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने सोमवार को बेंगलुरु से अहमदाबाद फाइनल शिफ्ट किए जाने के विवाद से बचते हुए स्वीकार किया कि 200+ स्कोर वाले आईपीएल में गेंदबाजों के लिए टिके रहना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
मंगलवार को धर्मशाला में गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले क्वालिफायर 1 से पहले पाटीदार ने कहा कि गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाजों, को काफी सावधान रहना होगा क्योंकि अब 220-250 जैसे बड़े स्कोर भी सुरक्षित नहीं माने जा रहे।
प्री-मैच मीडिया इंटरैक्शन में पाटीदार ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाजों के लिए यह ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल हैं, बाउंड्री छोटी हैं और ओस भी पड़ती है। खासकर तेज गेंदबाजों के लिए, छोटी-सी गलती भी छक्का बन जाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जो भी विकेट या परिस्थितियां मिलें, हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। विकेट कैसे होने चाहिए, यह मेरे हाथ में नहीं है।”
जब उनसे आईपीएल फाइनल को बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट करने को लेकर सवाल पूछा गया तो पाटीदार ने शांत अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, “यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है, इसलिए फाइनल जहां भी होगा, वहीं खेला जाएगा। हमारा फोकस सिर्फ फाइनल तक पहुंचने पर है।”
बीसीसीआई ने संचालन संबंधी समस्याओं और क्षेत्रीय राजनीतिक कारणों — जैसे भारी टिकट मांग और भीड़ नियंत्रण की चुनौतियों — के चलते फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट किया था।
RCB और GT ने लीग स्टेज समान अंकों के साथ समाप्त किया था और अब दोनों टीमों के बीच फाइनल में सीधे प्रवेश के लिए मुकाबला होगा। पाटीदार ने इसे दो बराबरी की टीमों की भिड़ंत बताया।
उन्होंने कहा, “दोनों टीमों ने पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन किया है। जिस टीम ने मैच के दिन अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया और दबाव में शांत रही, वही जीतेगी।”
हाई-स्कोरिंग सीजन के बावजूद पाटीदार ने साफ किया कि RCB अपनी आक्रामक रणनीति नहीं बदलेगी।
उन्होंने कहा, “हमारी ताकत हमारी गेंदबाजी है। पावरप्ले में जिस तरह हम गेंदबाजी करते हैं, वह बहुत अहम होगा। टीम का हर खिलाड़ी जानता है कि हम यहां बचाव करने नहीं, बल्कि आक्रमण करने की मानसिकता के साथ आए हैं।”
“हम शुरुआती विकेट लेने की कोशिश करेंगे और यही हम पूरे सीजन करते आए हैं। बार-बार वही चीज सही तरीके से करना ही फर्क पैदा करेगा।”
इस दौरान उन्होंने भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड और रसिख सलाम की तेज गेंदबाजी तिकड़ी की भी तारीफ की।
पिछले मैच में महंगे साबित होने के बावजूद पाटीदार ने अनुभवी भुवनेश्वर का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “वह अनुभवी गेंदबाज हैं। उन्हें अपनी ताकत के बारे में पता है। जिस तरह वह युवा गेंदबाजों से बात करते हैं, टीम में उनकी मौजूदगी बहुत महत्वपूर्ण है।”
फिल सॉल्ट की उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल पर पाटीदार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सॉल्ट हाल ही में इंग्लैंड से उंगली की चोट का इलाज करवाकर लौटे हैं।
उन्होंने कहा, “वह फिट हैं और अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन हमने अभी प्लेइंग इलेवन तय नहीं की है।”
वहीं गुजरात टाइटंस के सहायक कोच विजय दहिया ने भी पाटीदार की बात से सहमति जताई और इस मुकाबले को दो बराबरी की टीमों की लड़ाई बताया।
दहिया ने कहा, “जब आप इसे जंग कहते हैं, तो हां, यह एक जंग ही होगी। इस सीजन हम दो बार भिड़ चुके हैं और दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता है। दोनों टीमों में बड़े खिलाड़ी हैं और दोनों बराबरी की हैं।”
उन्होंने कहा कि हाई-स्कोरिंग सीजन में लगातार अच्छी गेंदबाजी सबसे अहम है।
“आखिर में आपको मजबूत गेंदबाजी अटैक की जरूरत होती है। दोनों टीमों की सबसे बड़ी ताकत उनके गेंदबाजों की निरंतरता और कप्तानों व मैनेजमेंट का उन पर भरोसा है।”
दहिया ने खास तौर पर GT के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और कोच आशीष नेहरा के साथ उनकी साझेदारी की तारीफ की।
उन्होंने कहा,
“गेंदबाजों के बीच की केमिस्ट्री शानदार है। वे एक-दूसरे को मानसिक और कौशल दोनों स्तर पर समझते हैं। जिस तरह आशीष नेहरा उन्हें संभालते हैं, उसका काफी श्रेय उन्हें जाता है।”
पूर्व भारतीय विकेटकीपर दहिया ने यह भी कहा कि धर्मशाला की ऊंचाई और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद होंगी, हालांकि अनुभवी स्पिनर फिर भी असर डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा, “परंपरागत रूप से यहां स्पिनर्स की भूमिका ज्यादा नहीं रहती क्योंकि ऊंचाई और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को मदद करती हैं, लेकिन क्वालिटी स्पिनर्स हमेशा योगदान देने का तरीका ढूंढ लेते हैं।”
दहिया ने विराट कोहली, शुभमन गिल और साई सुदर्शन जैसे बल्लेबाजों की तकनीकी मजबूती और बहुमुखी प्रतिभा की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, “अगर आप तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत हैं, तो आप परिस्थिति और फॉर्मेट के अनुसार अपना खेल बदल सकते हैं। विराट कई सालों से ऐसा कर रहे हैं और इस सीजन शुभमन गिल ने जिस तरह बल्लेबाजी की है, उससे उनकी मानसिक मजबूती भी साफ दिखाई देती है।”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कई सर्जरी और चोटों से जूझने के बाद राशिद खान अब फिर से अपनी लय में लौट आए हैं।
दहिया ने कहा, “इतनी उपलब्धियों के बावजूद उनके अंदर खुद को बेहतर बनाने की भूख अब भी है। जब वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे, तब GT ने उनका साथ दिया और अब वह टीम को उसका फायदा लौटा रहे हैं।”








