आईपीएल 2026: प्रभसिमरन सिंह ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को बताया युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका!

पंजाब किंग्स के विस्फोटक बल्लेबाज़ प्रभसिमरन सिंह ने “इम्पैक्ट सब” नियम का खुलकर समर्थन किया है। उनका मानना है कि यह नियम युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा अवसर और खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच देता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वह विकेटकीपिंग में महेंद्र सिंह धोनी को फॉलो करने की कोशिश करते हैं।

कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस नियम की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे बल्लेबाज़ों को ज्यादा फायदा मिलता है, ऑलराउंडर्स की भूमिका कम होती है और स्कोर काफी बड़े हो जाते हैं। लेकिन प्रभसिमरन की राय इससे अलग है।

उन्होंने कहा, “एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मैं इम्पैक्ट सब नियम को एक शानदार अवसर मानता हूं। कई लोग इसे पसंद नहीं करते क्योंकि इससे टीम ज्यादा जोखिम ले सकती है, लेकिन युवाओं के लिए यह बेहद अहम है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं पंजाब किंग्स से जुड़ा, तब मैंने आठ साल टीम के साथ बिताए, जिनमें से चार साल मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले। मैं हमेशा मौके का इंतजार करता था, और अब इस नियम की वजह से युवाओं को ज्यादा अवसर मिल रहे हैं।”

प्रभसिमरन ने यह भी साफ किया कि बल्लेबाज़ी में वह किसी की नकल नहीं करते, लेकिन विकेटकीपिंग में वह खास तौर पर महेंद्र सिंह धोनी से सीखते हैं।

उन्होंने कहा,“मैं बल्लेबाज़ी में किसी को कॉपी नहीं करता, हर खिलाड़ी की अपनी शैली होती है। लेकिन विकेटकीपिंग में मैं माही भाई को देखकर सीखता हूं, उनके हाथ बहुत तेज हैं और मैं वैसा बनने की कोशिश करता हूं।”

पिछले कुछ सीजन में प्रभसिमरन पंजाब किंग्स के भरोसेमंद ओपनर बन गए हैं। उनका मानना है कि अब पावरप्ले ही मैच की दिशा तय करता है और 200+ स्कोर बनाना आम बात हो गई है।

उन्होंने कहा, “पहले 170-180 रन बचाव योग्य माने जाते थे, लेकिन अब 200+ स्कोर सामान्य हो गया है। ऐसे में पावरप्ले में आक्रामक खेल जरूरी है। टीम मैनेजमेंट की स्पष्ट रणनीति हो तो 250 रन बनाना भी मुश्किल नहीं है।”

प्रभसिमरन ने यह भी बताया कि वह युवराज सिंह से मार्गदर्शन लेते हैं, जिन्हें वह कोच नहीं बल्कि बड़े भाई की तरह मानते हैं।

उन्होंने कहा, “युवी पाजी के साथ हमारा रिश्ता कोच-स्टूडेंट जैसा नहीं, बल्कि बड़े भाई जैसा है। जब भी हमें जरूरत होती है, हम उन्हें कॉल करते हैं और वह हमारे लिए ट्रेनिंग सेशन भी अरेंज करते हैं।”

भारतीय टीम में जगह बनाने को लेकर उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है, इसलिए खुद को लगातार बेहतर बनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “इंडिया टीम में जगह बनाने के लिए आपको खुद को और आगे बढ़ाना होगा। प्रतिस्पर्धा बहुत है, लेकिन अगर इसे सकारात्मक रूप में लें तो यह आपको बेहतर बनाती है।”

अपने दोस्त अभिषेक शर्मा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उसकी सफलता देखकर खुशी होती है, लेकिन साथ ही यह उनके अंदर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।

“अभिषेक के साथ मेरा खास रिश्ता है। उसे आगे बढ़ते देख अच्छा लगता है, लेकिन इससे मेरे अंदर भी एक जुनून आता है कि अब मेरी बारी है,” उन्होंने कहा।