आर्यना सबालेंका ने ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ रीमैच की मांग की, निक किर्गियोस से बदला लेने का इरादा!

दुनिया की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने गुरुवार को कहा कि वह निक किर्गियोस के खिलाफ अपने “बैटल ऑफ द सेक्सेस” मुकाबले का रीमैच चाहती हैं, ताकि वह हार का बदला ले सकें।

रविवार को दुबई में हुए एक बेहद चर्चित मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के किर्गियोस ने बदले हुए नियमों के तहत बेलारूस की सबालेंका को 6-3, 6-3 से हराया था। इस मैच में नियम ऐसे रखे गए थे कि ताकत और रफ्तार में किर्गियोस की बढ़त को कम किया जा सके—सबालेंका की साइड का कोर्ट 9% छोटा कर दिया गया था और दोनों खिलाड़ियों को सिर्फ एक ही सर्व की अनुमति थी।

ब्रिसबेन इंटरनेशनल से पहले, जो ऑस्ट्रेलियन ओपन (18 जनवरी से शुरू) की तैयारी में उनका सीजन-ओपनर टूर्नामेंट है, सबालेंका ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं यह मैच जरूर दोबारा खेलना चाहूंगी। मुझे बदला लेना पसंद है और मैं इसे ऐसे ही छोड़ना नहीं चाहती।”

हालांकि, सबालेंका ने साफ किया कि वह रीमैच फुल कोर्ट और दो सर्व के साथ चाहेंगी।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अगले मैच के लिए हम एक अलग फॉर्मेट तय करेंगे। मैच से पहले मुझे एहसास नहीं था कि मुझे इतने एडजस्टमेंट करने पड़ेंगे और यह मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था। मैं फुल कोर्ट रखना चाहूंगी और दो सर्व लूंगी, इससे मुकाबला काफी हद तक बराबरी का हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं हमेशा कहती हूं कि जब आप हारते हैं, तो आप सीखते हैं। मैंने उसके खेल के बारे में बहुत कुछ सीखा। मैं यह मैच दोबारा जरूर खेलूंगी। मुझे बदला चाहिए।”

यह मुकाबला 1973 में हुए ऐतिहासिक “बैटल ऑफ द सेक्सेस” से बिल्कुल अलग था, जब बॉबी रिग्स और बिली जीन किंग आमने-सामने आए थे। उस समय महिला प्रोफेशनल टूर नई-नई थी और महिला खिलाड़ियों को पुरुषों की तुलना में काफी कम इनामी राशि मिलती थी। उस ऐतिहासिक मुकाबले में 55 वर्षीय रिग्स को बिली जीन किंग ने 6-4, 6-3, 6-3 से हराया था।

सबालेंका-किर्गियोस मैच को लेकर आलोचनाएं भी हुईं—कुछ लोगों ने इसे “पैसे कमाने का तरीका” बताया, तो कुछ ने कहा कि इससे महिला खेल को कोई खास फायदा नहीं हुआ। हालांकि, सबालेंका का मानना है कि ऐसे एग्ज़ीबिशन मैच टेनिस के लिए जरूरी हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि टेनिस को रोचक, नया और मजेदार बनाए रखने के लिए ऐसे मैच बहुत जरूरी हैं।”

हाल के वर्षों में किर्गियोस के खराब फॉर्म और 671 की रैंकिंग के बावजूद, सबालेंका ने इस मुकाबले का हिस्सा बनने पर खुशी जताई।

उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि मैं उसे चुनौती दे पाई, उसे मेहनत करने पर मजबूर किया और शारीरिक व मानसिक रूप से थका दिया। एक पुरुष खिलाड़ी को थकते हुए और अपना पूरा खेल खेलते हुए देखना मेरे लिए काफी रोमांचक अनुभव था।”

2023 और 2024 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकी सबालेंका अब तीसरे खिताब की ओर नजर लगाए हुए हैं। ब्रिसबेन इंटरनेशनल रविवार से शुरू हो रहा है। पिछले साल मेलबर्न पार्क के फाइनल में उन्हें मैडिसन कीज़ से हार का सामना करना पड़ा था।