
भारत के ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने कहा कि टीम में अलग-अलग बल्लेबाजी भूमिकाएं निभाने का मौका उनके लिए बेहद रोमांचक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बल्लेबाजी क्रम में किसी भी स्थान पर उतरने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ टीम की जीत में योगदान देना है।
बर्मिंघम में मंगलवार को खेले गए पहले वनडे में भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से हराया। इस जीत में वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन की अहम पारी खेली। अलग-अलग प्रारूपों में उनकी बल्लेबाजी की भूमिका लगातार बदलती रही है, लेकिन उन्होंने हर जिम्मेदारी को स्वीकार किया है।
कप्तान शुभमन गिल की शानदार 80 रन की पारी के बाद 26 वर्षीय सुंदर ने अक्षर पटेल (नाबाद 57) के साथ पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रन की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटीआई के हवाले से वॉशिंगटन ने कहा, “मेरे लिए अलग-अलग भूमिकाएं निभाना काफी रोमांचक है। हर किसी को यह मौका नहीं मिलता। मुझे टीम के लिए अलग-अलग परिस्थितियों और मैच के अलग-अलग चरणों में खेलने का अवसर मिलता है। मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने में मदद करूं। अलग-अलग परिस्थितियों में खेलना मेरे लिए एक शानदार अनुभव है।”
वॉशिंगटन ने अपनी बल्लेबाजी में आए आत्मविश्वास का श्रेय भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर और गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा को दिया।
उन्होंने कहा, “गौती भाई (गौतम गंभीर) ने हमेशा मुझे यह समझाया कि मैं बल्लेबाजी से टीम के लिए क्या कर सकता हूं। उन्होंने मुझे अपने खेल को बेहतर तरीके से समझने में मदद की। वहीं गुजरात टाइटंस में आशीष नेहरा ने भी मुझे एक खिलाड़ी और एक इंसान के रूप में खुद को बेहतर समझने में काफी मदद की है।”
उन्होंने आगे कहा, “एक ऑलराउंडर के तौर पर हर दिन अपने खेल में सुधार करना बहुत जरूरी होता है। आपको अपनी क्षमताओं को समझना होता है और परिस्थितियों के अनुसार खेलना पड़ता है। ज्यादा मैच खेलने से भी काफी मदद मिलती है, क्योंकि आपको अलग-अलग हालात में खेलने का अनुभव मिलता है और सीखने का मौका भी मिलता है।”
वॉशिंगटन ने आगे कहा, “मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ऐसे लोग मिले, जिन्होंने हमेशा मेरी क्षमताओं पर भरोसा किया और मुझे यह समझाया कि मैं अपनी अलग-अलग स्किल्स का सही इस्तेमाल कैसे कर सकता हूं।”
तमिलनाडु के इस ऑलराउंडर का मानना है कि किसी भी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑलराउंडरों का होना एक बड़ी ताकत होती है।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए ऑलराउंडर होना किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। हर टीम चाहती है कि उसके पास ज्यादा से ज्यादा ऑलराउंडर हों, क्योंकि इससे परिस्थितियों के हिसाब से टीम संयोजन बनाना आसान हो जाता है। अलग-अलग विकल्प होने से कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि आपके पास संसाधनों की कमी है। हम दुनिया के अलग-अलग देशों में क्रिकेट खेलते हैं, जहां परिस्थितियां बदलती रहती हैं। ऐसे में आज का दिन हमारी टीम के लिए काफी अच्छा रहा।”
सुंदर ने मैच में अक्षर पटेल की शानदार पारी और कप्तान शुभमन गिल की संयमित बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “पिच में निश्चित रूप से गेंदबाजों के लिए कुछ मदद थी। शुभमन ने शानदार बल्लेबाजी की और श्रेयस अय्यर के साथ उनकी साझेदारी बेहद अहम रही। वहीं अक्षर ने जब भी जरूरत पड़ी, महत्वपूर्ण चौके लगाए और बल्लेबाजी को काफी आसान बना दिया। हमने परिस्थितियों के अनुसार खुद को अच्छी तरह ढाला और जीत हासिल करके बेहद खुश हैं।”
भारत की इंग्लैंड दौरे पर पहली जीत में तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नौ ओवर में 61 रन देकर दो विकेट लिए, जिनमें जैकब बेथेल और बेन डकेट जैसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज शामिल थे।
गुरनूर की तारीफ करते हुए वॉशिंगटन ने कहा, “गुरनूर में हमेशा से जबरदस्त जज्बा रहा है। मैंने पिछले कुछ वर्षों में गुजरात टाइटंस के साथ उन्हें करीब से देखा है। चाहे मैच हो या अभ्यास सत्र, वह हमेशा अपना शत-प्रतिशत देते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे मजबूत चरित्र वाले खिलाड़ी हमेशा अहम मौकों पर आगे आकर प्रदर्शन करते हैं। आज उन्होंने शानदार गेंदबाजी की, महत्वपूर्ण समय पर विकेट लिए और हमारी जीत में बड़ी भूमिका निभाई।”








