
इंग्लैंड 60 वर्षों में पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक जीत दूर है, लेकिन उसके रास्ते में मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी खड़े हैं। दोनों टीमें बुधवार को अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। दूसरी ओर, स्पेन पहले ही फाइनल में अपनी जगह बना चुका है।
आइए जानते हैं वे पांच अहम मुकाबले, जो इस हाई-वोल्टेज मैच का नतीजा तय कर सकते हैं।
लियोनेल मेसी बनाम मार्क गेही और निको ओ’राइली
39 वर्षीय लियोनेल मेसी अर्जेंटीना को लगातार दूसरा विश्व कप खिताब दिलाने के मिशन पर हैं। उम्र का असर उनके खेल पर जरूर दिखा है, लेकिन वह अब भी अर्जेंटीना के सबसे बड़े मैच विनर हैं।
मेसी आमतौर पर दाएं फ्लैंक से हमला शुरू करते हैं और फिर बीच के हिस्से में आकर गोल करने या साथियों के लिए मौके बनाने की कोशिश करते हैं।
इंग्लैंड के डिफेंडर मार्क गेही और निको ओ’राइली पर मेसी को रोकने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। पूरे टूर्नामेंट में इंग्लैंड की डिफेंस कई बार कमजोर नजर आई है, ऐसे में यह उनके लिए अब तक की सबसे कठिन परीक्षा साबित हो सकती है।
BBC से बातचीत में ओ’राइली ने कहा, “यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका है। मेसी अपने करियर के आखिरी दौर में हैं। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से वह फुटबॉल मैदान पर खेलने वाले अब तक के सबसे महान खिलाड़ी हैं।”
हैरी केन और जूड बेलिंघम बनाम क्रिस्टियन रोमेरो और लिएंड्रो परेडेस
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन और अर्जेंटीना के डिफेंडर क्रिस्टियन रोमेरो टोटेनहैम हॉटस्पर में साथ खेल चुके हैं और एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह जानते हैं।
रोमेरो की सबसे बड़ी जिम्मेदारी केन को रोकने की होगी, लेकिन यह आसान नहीं होगा। केन अक्सर मिडफील्ड में नीचे आकर खेल बनाते हैं, जिससे उन्हें मार्क करना और मुश्किल हो जाता है।
वहीं, अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस भी अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी कोशिश होगी कि वह अपनी रक्षा पंक्ति को मजबूती दें और केन तथा जूड बेलिंघम के प्रभाव को सीमित रखें।
मिडफील्ड की जंग
इंग्लैंड को उम्मीद है कि डेक्लन राइस समय पर फिट होकर इलियट एंडरसन के साथ मिडफील्ड संभालेंगे, जबकि जूड बेलिंघम आगे की पंक्ति में उनका साथ देंगे।
दूसरी ओर, अर्जेंटीना डायमंड मिडफील्ड के साथ उतर सकता है, जिसमें लिएंड्रो परेडेस, रोड्रिगो डी पॉल, एलेक्सिस मैक एलिस्टर और एंजो फर्नांडीज शामिल होंगे।
यह मिडफील्ड मेहनत और गुणवत्ता का शानदार मिश्रण है। ऐसे में मैच के दौरान मिडफील्ड पर नियंत्रण ही जीत-हार का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।
एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने कहा, “मुझे लगता है कि यह मुकाबला बेहद तेज़ गति और जबरदस्त दबाव वाला होगा। दोनों टीमों पर काफी मानसिक तनाव भी रहेगा।”
जॉर्डन पिकफोर्ड बनाम एमिलियानो मार्टिनेज
दोनों गोलकीपर एक-दूसरे को प्रीमियर लीग के दिनों से अच्छी तरह जानते हैं।
जॉर्डन पिकफोर्ड ने पूरे टूर्नामेंट में इंग्लैंड के लिए कई शानदार बचाव किए हैं, खासकर प्री-क्वार्टर फाइनल में मेक्सिको के खिलाफ। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे के खिलाफ गोल खाने के बाद उनकी आलोचना भी हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने अपना 18वां विश्व कप मैच खेलते हुए इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विश्व कप मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया।
दूसरी ओर, एमिलियानो मार्टिनेज 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना की जीत के सबसे बड़े नायकों में से एक थे। उन्होंने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का गोल्डन ग्लव पुरस्कार भी जीता था।
हाल के नॉकआउट मुकाबलों में उन्होंने कुछ गोल जरूर खाए हैं, लेकिन बड़े मैचों में उनका अनुभव और दबाव में शानदार प्रदर्शन अर्जेंटीना के लिए बेहद अहम रहेगा।
लियोनेल स्कालोनी बनाम थॉमस टुखेल
अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने 2018 में टीम की कमान संभालने के बाद अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। क्लब स्तर पर कोचिंग का कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद उन्होंने अर्जेंटीना को 2022 विश्व कप और लगातार दो कोपा अमेरिका खिताब जिताए।
वहीं, इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल ने क्लब फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने चेल्सी को यूईएफए चैंपियंस लीग का खिताब दिलाया और 2024 के आखिर में इंग्लैंड की जिम्मेदारी संभाली।
अब दोनों कोच अपनी-अपनी टीम को विश्व कप फाइनल में पहुंचाने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। टुखेल इंग्लैंड को 60 वर्षों बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाने की कोशिश करेंगे, जबकि स्कालोनी अर्जेंटीना को एक और विश्व कप खिताब की ओर बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।








