
मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, विराट कोहली IPL के 18 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ जुड़े रहने से उन्होंने अब तक कुल 230 करोड़ रुपये कमाए हैं।
फैनैटिक स्पोर्ट्स और हुरुन की रिपोर्ट के मुताबिक, IPL की सभी 10 टीमों की कुल वैल्यू 1.63 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अंबानी परिवार की मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स की कीमत लगभग 18,400 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स की वैल्यू करीब 19,200 करोड़ रुपये बताई गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2032 तक एक IPL टीम की औसत वैल्यू मौजूदा 1.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब फ्रेंचाइज़ियां बड़े-बड़े निवेश और डील्स में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं।
हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद ने कहा, “भारत इस समय उस ग्रोथ कर्व की शुरुआत में खड़ा है। जमीनी स्तर पर टैलेंट तैयार हो रहा है, ऊपर से निवेश आ रहा है और एक अरब से ज्यादा उपभोक्ताओं की आय इतनी बढ़ने वाली है कि वे इस खेल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकें।”
रिपोर्ट के मुताबिक, IPL में सबसे ज्यादा कमाई करने वालों की सूची में विराट कोहली के बाद रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 227.2 करोड़ रुपये कमाए हैं। तीसरे नंबर पर महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिनकी कुल कमाई 200 करोड़ रुपये रही है।
वहीं महिला प्रीमियर लीग (WPL) में स्मृति मंधाना अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने कुल 13.7 करोड़ रुपये कमाए हैं, जबकि टॉप 10 महिला खिलाड़ियों की कुल कमाई सिर्फ 90 करोड़ रुपये रही है।
अगर हॉकी की बात करें तो वहां यह अंतर और भी ज्यादा दिखाई देता है। रिपोर्ट के अनुसार, हॉकी इंडिया लीग में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह हैं, जिन्हें 78 लाख रुपये मिलते हैं। उनके बाद फॉरवर्ड अभिषेक नैन (72 लाख रुपये) और मिडफील्डर हार्दिक सिंह (70 लाख रुपये) का नाम आता है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि हॉकी युवा टैलेंट तैयार करने में काफी आगे है। 14 साल के केतन कुशवाहा और 15 साल के राहुल यादव व पूर्ति आशीष तानी जैसे युवा खिलाड़ी इसका उदाहरण हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा का सुंदरगढ़ जिला अकेले 12 खिलाड़ियों को इस सूची में जगह देता है, जो दिखाता है कि हॉकी अब भी जमीनी स्तर पर काफी मजबूत खेल है और भारत को ओलंपिक में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
इस सर्वे में 53 देशों, 181 राज्यों/प्रांतों और 504 शहरों के 1323 एलीट खिलाड़ियों को ट्रैक किया गया, जो 6 अलग-अलग स्पोर्ट्स लीग की 59 टीमों से जुड़े हुए हैं।








