‘आगे चलकर डराने वाली बात यह है…’: जस्टिन लैंगर ने बताया क्यों वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट पर राज कर सकते हैं!

लखनऊ सुपर जायंट्स के कोच जस्टिन लैंगर मंगलवार को विपक्षी डगआउट में बैठे 15 साल के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी देखकर हैरान रह गए।

वैभव ने सिर्फ 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए, जिसकी बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 221 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और अपनी प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखीं। लैंगर ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में वैभव की बल्लेबाज़ी “सांसें रोक देने वाली” रही है।

क्रिकइन्फो के अनुसार लैंगर ने कहा, “35 साल के क्रिकेट करियर में मैंने कई शानदार खिलाड़ी देखे हैं। लेकिन इतनी कम उम्र के लड़के को इस तरह बल्लेबाज़ी करते देखना, सिर्फ आज नहीं बल्कि पूरे सीजन में, अविश्वसनीय है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इसे ऐसे आंकता हूं। पिछले मैच में मिचेल स्टार्क जैसे महान व्हाइट-बॉल गेंदबाज़ गेंदबाज़ी कर रहे थे और उनके चेहरे के भाव देखने लायक थे। एनरिच नॉर्टरिज जैसे वर्ल्ड क्लास गेंदबाज़ भी हैरान थे। वैभव उन्हें ऐसे मार रहा था कि उनके चेहरे पर साफ लिखा था — ‘यह आखिर हो क्या रहा है?’”

“एक पूर्व बल्लेबाज़ होने के नाते मैं जानता हूं कि बल्लेबाज़ी कितनी मुश्किल होती है। मैं सोच रहा था कि ये क्या हो रहा है। गेंदबाज़ भी यही सोच रहे होंगे कि आखिर ये लड़का कर क्या रहा है।”

लैंगर ने कहा कि वैभव की सबसे खास बात यह है कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स नहीं खेल रहा, बल्कि लगातार रन बना रहा है।

“कई खिलाड़ी इस तरह खेलते हैं तो उसमें बड़ा जोखिम होता है। लेकिन वह हर फॉर्मेट में लगातार रन बना रहा है और यही असली क्रिकेट है।”

उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, “डराने वाली बात यह है कि रन बनाना सीखने का सबसे अच्छा तरीका है लगातार रन बनाना। वह बार-बार रन बना रहा है। अगर आज स्टार्क और नॉर्टरिज जैसे गेंदबाज़ों के चेहरे पर डर दिख रहा है, तो सोचिए जब वह पूरी तरह बल्लेबाज़ी करना सीख जाएगा तब क्या होगा।”

“हे भगवान, वह अभी बहुत छोटा है। वह शानदार खिलाड़ी है और उसे बल्लेबाज़ी करते देखना सच में सौभाग्य की बात है।”

लैंगर ने यह भी कहा कि वैभव हर परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढाल सकता है।

उन्होंने कहा, “लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या ब्रैडमैन आज के दौर में भी इतने रन बनाते? मैं कहता हूं, हां, क्योंकि वह खुद को ढाल लेते। वैभव भी वैसा ही खिलाड़ी है। वह जहां भी खेलेगा, खुद को हालात के हिसाब से ढाल लेगा। गेंदबाज़ आखिर उसे गेंद डालें तो कहां डालें? मुझे समझ नहीं आता।”

“वह लगातार बेहतर होता जाएगा और यही विश्व क्रिकेट के लिए डराने वाली बात है।”

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी वैभव की पारी से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि 15 साल की उम्र में वैभव खेल को बहुत अच्छी तरह समझता है।

पराग ने कहा, “मुझे लगता है यह उसकी अब तक की सबसे बेहतरीन पारी थी। जब वह 10 गेंदों पर सिर्फ 5 रन बनाकर खेल रहा था, तब मैं डगआउट में यही सोच रहा था कि अब वह क्या करेगा।”

“ऐसी स्थिति में बल्लेबाज़ के पास दो रास्ते होते हैं। या तो वह घबरा कर गलत शॉट खेले, या फिर शांत दिमाग से खेल को समझे। वैभव ने धैर्य दिखाया। उसने पहला बड़ा शॉट कवर के ऊपर खेला और तभी मुझे समझ आ गया कि वह छोटा जरूर है, लेकिन उसकी खेल की समझ बहुत बड़ी है।”

“कई सीनियर बल्लेबाज़, यहां तक कि मैं भी, उस स्थिति में जल्दबाज़ी कर सकता था। लेकिन उसने जिस शांति से बल्लेबाज़ी की, वह काबिल-ए-तारीफ है। पिछले दो सालों में मैंने उसकी यह सबसे शानदार पारी देखी है।”