
विराट कोहली ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ शानदार जीत में 34 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन मैच के बाद उन्होंने अपनी फिटनेस को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, फिर भी अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 146 रन का लक्ष्य 15.1 ओवर में हासिल कर पांच विकेट से जीत दर्ज की और पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच गई।
कोहली ने कहा, “पिछले मैच से बेहतर महसूस कर रहा हूं, लेकिन मैं अभी 100% फिट नहीं हूं। पिछले मैच में मेरे घुटने में थोड़ा दर्द था और पिछले 4-5 दिनों से मेरी तबीयत भी ठीक नहीं थी। अब धीरे-धीरे मैं अपनी बेस्ट फॉर्म में लौट रहा हूं।”
मैच से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम में कोहली अपने बाएं घुटने पर पट्टी बांधकर प्रैक्टिस करते दिखे थे। इसके बावजूद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 6 चौके और 1 छक्का लगाया। इस सीजन में अब तक उन्होंने 228 रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा, “आज मैंने अच्छी शुरुआत की, इसलिए अपनी इंटेंसिटी से खुश हूं। हालांकि मैं मैच को अंत तक खत्म करना चाहता था। लेकिन पिच धीमी हो गई थी, इसलिए उसी तरीके से खेलना चाहता था। फिर भी मुझे शायद मैच फिनिश करना चाहिए था।”
कोहली ने कप्तान रजत पाटीदार की जमकर तारीफ की, जिन्होंने 13 गेंदों में 27 रन बनाए।
उन्होंने कहा, “हमारी बल्लेबाजी यूनिट में कुछ खास रणनीतियां हैं। रजत को मैं हमेशा कहता हूं कि वह गेंदबाज के दिल की धड़कन समझने की कोशिश करें। उनकी क्लैरिटी कमाल की है।”
कोहली ने टीम के मजबूत बल्लेबाजी क्रम की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि टीम में फिल सॉल्ट, रोमारियो शेफर्ड और टिम डेविड जैसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं।
“अगर पांच विकेट गिर भी जाएं, तब भी हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो 4 ओवर में 50 रन बना सकते हैं। इससे हम सभी को खेलने की आजादी मिलती है।”
कोहली ने कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में परिस्थितियों के अनुसार ढलना बहुत जरूरी है।
“हर मैच 230-240 रन का नहीं होगा। आपको हालात के हिसाब से खेलना होगा। टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में मैच और भी कठिन हो जाएंगे, जहां दबाव ज्यादा होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “जो टीम स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेगी और समझदारी से खेलेगी, वही आगे तक जाएगी। मैं खुद भी अपने खेल को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा हूं।”
कोहली के इस बयान से साफ है कि वह फिटनेस से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन उनकी फॉर्म और अनुभव अभी भी आरसीबी के लिए सबसे बड़ा हथियार बने हुए हैं।








