अंडर-19 एशिया कप फाइनल: पाकिस्तान पर दबदबा बढ़ाने उतरेगा भारत!

शक्तिशाली भारतीय टीम रविवार को दुबई के आईसीसी अकादमी में होने वाले अंडर-19 एशिया कप फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड 12वां खिताब जीतकर अपना वर्चस्व और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय युवा टीम अब तक शानदार रही है। ग्रुप ए के सभी मुकाबले जीतकर भारत ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जिसमें पिछले रविवार पाकिस्तान को 90 रन से हराना भी शामिल है—जो पाकिस्तान की ग्रुप चरण की एकमात्र हार रही।

शुक्रवार को भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को आठ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं पाकिस्तान ने मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत के फाइनल तक के सफर की सबसे बड़ी खासियत उसका संतुलित ऑलराउंड प्रदर्शन रहा है, जहां गेंदबाज़ और बल्लेबाज़ एकजुट होकर टीम की मजबूती बने।

बल्लेबाज़ी में भारत बेहद प्रभावशाली रहा है और टूर्नामेंट में दो बार 400 से अधिक का स्कोर खड़ा कर चुका है। 50 ओवर के इस टूर्नामेंट में 17 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ अभिज्ञान कुंडू जैसे युवा सितारों का उदय देखने को मिला है।

संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ पहले मैच में भारत ने वैभव सूर्यवंशी के 95 गेंदों में 171 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत 433/6 का विशाल स्कोर बनाया। वहीं मलेशिया के खिलाफ कुंडू ने इतिहास रचते हुए नाबाद 209 रन (125 गेंद) बनाए और यूथ वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बने।

पाकिस्तान की अनुशासित गेंदबाज़ी के खिलाफ यह जोड़ी एक और मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। भारत का मध्यक्रम भी तब शानदार रहा है, जब शीर्ष क्रम लड़खड़ाया।

हैदराबाद के एरन जॉर्ज टीम के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने लगातार तीन अर्धशतक लगाए हैं और 100 से ऊपर के स्ट्राइक रेट के साथ मध्य ओवरों में पारी संभाली है। उनके साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज़ विहान मल्होत्रा ने भी अहम योगदान दिया है, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 61 रन बनाए।

ऑलराउंडर कनिष्क चौहान ने फिनिशर की भूमिका को नए स्तर पर पहुंचाया है। 127 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाने के साथ-साथ उन्होंने गेंद से भी अहम विकेट चटकाए हैं। चार मैचों में उन्होंने छह विकेट लिए हैं, जिनमें ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान के खिलाफ 3/33 का प्रदर्शन शामिल है।

गेंदबाज़ी में दीपेश देवेंद्रन भारत के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे हैं। उन्होंने 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट में पाकिस्तान के अब्दुल सुभान के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड साझा किया है। 130 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से नई गेंद से गेंदबाज़ी करते हुए दीपेश ने मलेशिया के खिलाफ 5/22 का शानदार स्पेल डाला था और पाकिस्तान के खिलाफ टॉप ऑर्डर को झकझोरते हुए लगातार तीन बल्लेबाज़ों को आउट किया था, जिनमें टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले समीर मिन्हास भी शामिल थे।

समीर मिन्हास बांग्लादेश के खिलाफ अर्धशतक के साथ फाइनल में उतरेंगे और भारत के खिलाफ पिछले मुकाबले की नाकामी की भरपाई करना चाहेंगे। उन्होंने मलेशिया के खिलाफ नाबाद 177 रन भी बनाए थे।

पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसका तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण है। अब्दुल सुभान विकेट तालिका में शीर्ष पर हैं, जबकि बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सैय्याम और अली रज़ा उनका अच्छा साथ निभा रहे हैं। लेग स्पिनर अहमद हुसैन टीम को विविधता देते हैं, वहीं बाएं हाथ के गेंदबाज़ निक़ाब शफीक ने भारत के खिलाफ दो विकेट लेकर प्रभावित किया था।

हालांकि फरहान यूसुफ की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम की बल्लेबाज़ी अब भी चिंता का विषय है, क्योंकि वह निरंतरता की कमी से जूझ रही है और बड़े मंच पर भारत के खिलाफ बार-बार हार से बचना चाहेगी।

सितंबर में सीनियर एशिया कप (टी20) में भारत ने पाकिस्तान को तीन बार हराया था और अब युवा टीम भी उसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

पिछली भिड़ंतों की तरह इस मैच में भी दोनों टीमों के खिलाड़ी ‘नो-हैंडशेक’ नियम का पालन कर सकते हैं।

पाकिस्तान ने एशिया कप सिर्फ एक बार—2012 में—जीता है, जबकि 2013–14 और 2017 में वह उपविजेता रहा।

टीमें (संभावित):

भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा (उपकप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), युवराज गोहिल, कनिष्क चौहान, खिलान ए. पटेल, नमन पुष्पक, डी. दीपेश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह*, उधव मोहन, एरन जॉर्ज

पाकिस्तान: फरहान यूसुफ (कप्तान), उस्मान खान (उपकप्तान), अब्दुल सुभान, अहमद हुसैन, अली हसन बलोच, अली रज़ा, दानियाल अली खान, हम्ज़ा ज़हूर (विकेटकीपर), हुज़ैफ़ा अहसान, मोमिन क़मर, मोहम्मद सैय्याम, मोहम्मद शायन (विकेटकीपर), निक़ाब शफीक, समीर मिन्हास, मोहम्मद हुज़ैफ़ा