IPL 2026: कोलकाता नाइट राइडर्स के सबसे मुश्किल दौर में सामने आई अजिंक्य रहाणे की मजबूत कप्तानी!

कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि टीम की खराब शुरुआत के बावजूद उन्होंने कभी कप्तानी छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। उनका मानना है कि जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही हो, तब असली चरित्र दिखाना सबसे ज़्यादा जरूरी होता है।

पूर्व चैंपियन KKR की आईपीएल 2026 में शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने अपने पहले छह मैचों में से पांच गंवा दिए थे और अंक तालिका में सबसे नीचे पहुंच गई थी।

हालांकि इसके बाद टीम ने शानदार वापसी की और आखिरी आठ मैचों में से छह जीतकर प्लेऑफ की उम्मीदें फिर जगा दीं, लेकिन अंत में क्वालिफाई करने से चूक गई।

रविवार को दिल्ली कैपिटल्स से 40 रन की हार के बाद पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में रहाणे ने कहा,

“मैंने हमेशा अपने पूरे क्रिकेट करियर में अच्छे रवैये के साथ खेला है। मेरे लिए चरित्र हमेशा बहुत महत्वपूर्ण रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं कभी पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। जब टीम संघर्ष कर रही हो, तब अपना चरित्र दिखाना बहुत जरूरी होता है। मैं कभी कप्तानी छोड़ने के बारे में नहीं सोचता। जब टीम मुश्किल में हो, तब मजबूत बने रहना ही असली जिम्मेदारी है।”

रहाणे ने माना कि दबाव होना स्वाभाविक है, लेकिन उससे घबराना नहीं चाहिए।

“हां, दबाव होता है। यह बिल्कुल सामान्य है। लेकिन दबाव उन्हीं पर होता है जिन्हें यह मौका मिलता है। हर कोई दबाव संभाल नहीं सकता। मेरे लिए जरूरी था कि मैं मजबूत रहूं और घबराऊं नहीं।”

“जब आप लगातार 5-6 मैच हारते हैं तो बहुत आसान होता है कि आपका ध्यान अतीत या भविष्य पर चला जाए। लेकिन जरूरी है कि आप उसी पल में टिके रहें। क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं।”

रहाणे का खुद का बल्लेबाजी प्रदर्शन भी इस सीजन खास नहीं रहा। उन्होंने 14 मैचों में 135 की स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाए। पावरप्ले के बाद उनका स्ट्राइक रेट टूर्नामेंट में सबसे कम खिलाड़ियों में शामिल रहा।

फिर भी उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का विचार कभी उनके मन में नहीं आया।

“वो विचार कभी नहीं आए। मुझे हमेशा विश्वास था कि चीजें बदल सकती हैं।”

गौरतलब है कि रहाणे इससे पहले 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारतीय टेस्ट टीम को ऐतिहासिक जीत दिला चुके हैं।

KKR को इस सीजन कई बड़े झटके भी लगे। तेज गेंदबाज़ हर्षित राणा और आकाश दीप चोटिल हो गए, जबकि राजनीतिक तनाव के कारण फ्रेंचाइज़ी को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज़ मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करना पड़ा। इससे टीम का गेंदबाज़ी आक्रमण काफी कमजोर हो गया।

लेकिन रहाणे ने इन परिस्थितियों में भारतीय घरेलू खिलाड़ियों पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा, “हमने सीजन के दौरान कुछ खिलाड़ियों को खोया और यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन मैं उसी पर ध्यान नहीं देना चाहता था। मुझे भारतीय गेंदबाज़ों पर भरोसा था और मैं उन्हें समय देना चाहता था।”

इसका फायदा टीम को मिला। चोटों की वजह से कार्तिक त्यागी और अनुकूल रॉय को मौका मिला और दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया।

कार्तिक त्यागी ने लीग स्टेज में 18 विकेट लिए, जो भारतीय गेंदबाज़ों में तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। वहीं अनुकूल रॉय ने 12 पारियों में 9 विकेट लेने के अलावा दो सफल रन चेज़ में नाबाद रहकर योगदान दिया।

रहाणे ने कहा, “सीजन की शुरुआत में ही हमने सोचा था कि अनुकूल रॉय के लिए यह अच्छा मौका है। उनका सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी सीजन शानदार रहा था और वही आत्मविश्वास उन्होंने यहां भी आगे बढ़ाया।”

कार्तिक त्यागी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “वह अपने सोच और योजना को लेकर बिल्कुल साफ थे। गेंदबाज़ के तौर पर रन पड़ेंगे, लेकिन जब तक आप जानते हैं कि टीम के लिए क्या करना है, वही सबसे अहम है।”

“इन दोनों खिलाड़ियों के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में ये दोनों और भी बेहतर करेंगे और सबसे ऊंचे स्तर पर खेलेंगे।”