त्रिकोणीय सीरीज: इंडिया ए ने अफगानिस्तान ए को रौंदकर फाइनल में बनाई जगह!

बुधवार को दांबुला में इंडिया ए ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान ए को 101 रन से हरा दिया और त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया।

कप्तान तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र के अर्धशतकों की बदौलत इंडिया ए ने 9 विकेट पर 319 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में अफगानिस्तान ए की पूरी टीम 36.5 ओवर में सिर्फ 218 रन पर सिमट गई।

भारत की ओर से निशांत सिंधु सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 6.5 ओवर में 31 रन देकर 4 विकेट लिए। तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने 7 ओवर में 48 रन देकर 2 विकेट झटके। वहीं अनुकूल रॉय, विप्रज निगम, सूर्यांश शेडगे और अंशुल कंबोज को एक-एक सफलता मिली।

हालांकि फैसल शिनोजादा (46) और बहिर शाह (52 गेंदों पर 57 रन, 4 चौके, 1 छक्का) ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके।

इस जीत के साथ इंडिया ए ने लगातार दो हार का सिलसिला तोड़ा और उसके अंक बढ़कर चार हो गए, जिससे उसने फाइनल में जगह बना ली।

भारत को पहली सफलता तीसरे ओवर में मिली, जब यश ठाकुर ने हसन इसाखिल (14) को ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों कैच कराया। इसके बाद छठे ओवर में अंशुल कंबोज ने खालिद तानीवाल (13) को आउट किया, जबकि कप्तान इमरान मीर को दसवें ओवर में निशांत सिंधु ने चलता किया।

इसके बाद फैसल शिनोजादा और बहिर शाह ने चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों के जल्दी-जल्दी आउट होते ही अफगानिस्तान की उम्मीदें खत्म हो गईं।

इससे पहले, धीमी दांबुला पिच पर अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। इंडिया ए के लिए तिलक वर्मा (59), कुमार कुशाग्र (58) और प्रियांश आर्य (58) ने शानदार अर्धशतक लगाए।

वैभव सूर्यवंशी (38 रन, 28 गेंद) और प्रियांश आर्य ने पहले विकेट के लिए सिर्फ आठ ओवर में 75 रन जोड़कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई।

एक बार फिर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाई। उन्होंने कुछ शानदार छक्के और अपने पसंदीदा कवर ड्राइव लगाए। हालांकि तेज गेंदबाज फरीदून दाऊदज़ई की बाउंसर पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए।

दूसरी ओर, प्रियांश आर्य बेहद सहज नजर आए और सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। लेकिन आक्रामक बल्लेबाजी के दौरान वह फारमानुल्लाह की गेंद पर शम्स उर रहमान को कैच दे बैठे।

आर्य के आउट होने के बाद भारत की रनगति भी धीमी पड़ गई। शुरुआती ओवरों में 8 से अधिक की रनरेट बाद में घटकर 6 के आसपास रह गई।

पिच भी धीरे-धीरे और सुस्त होती गई, जिससे तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ (30) को तेजी से रन बनाने में मुश्किल हुई।

गायकवाड़ दुर्भाग्यशाली रहे और अब्दुल्ला अहमदजई (2/62) की गेंद पर विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के हाथों कैच आउट दिए गए।

इसके बाद तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की। तिलक ने 67 गेंदों में और कुशाग्र ने 60 गेंदों में अपना-अपना अर्धशतक पूरा किया।

दोनों ने पारी को संभाला, लेकिन रनगति पांच से थोड़ा ऊपर ही रही। आखिर में विप्रज निगम ने 20 गेंदों में 30 रन की तेज पारी खेलकर भारत को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।