
चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर ने शुक्रवार को साफ कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का मूल्यांकन जरूर होगा, लेकिन उन्हें हर एकदिवसीय मैच के बाद कटघरे में खड़ा करना “बेवकूफी” होगी।
अफवाहें चल रही हैं कि दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले इन दोनों पूर्व कप्तानों का हर सीरीज़ में परीक्षण किया जाएगा। अभी वे सात महीने के अंतराल के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेंगे।
एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में आगरकर ने कहा, “हर मैच में उन्हें ट्रायल पर रखना बेवकूफी होगी। जब वे खेलना शुरू करेंगे तब उनका मूल्यांकन होगा, लेकिन वे किसी ट्रायल पर नहीं हैं।”
शुभमन गिल को नई वनडे कप्तानी मिलने की घोषणा के वक्त अहमदाबाद में दिए गए अपने बयान को दोहराते हुए आगरकर ने एक बार फिर 2027 वर्ल्ड कप को लेकर कोई पक्की बात करने से इनकार किया।
उन्होंने स्पष्ट किया, “इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वे ऑस्ट्रेलिया में रन नहीं बनाते तो उन्हें बाहर कर दिया जाएगा, और अगर वे वहां तीन शतक लगाते हैं तो उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के लिए पक्का मान लिया जाएगा।”
आगरकर ने आगे कहा कि चयन समिति इंग्लैंड दौरे के लिए रोहित और कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को रखना पसंद करती, लेकिन दोनों ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का खुद निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, “अगर कोई जगह थी जहां हमें अनुभव की जरूरत होती तो वह इंग्लैंड थी। दोनों दिग्गज हैं और उन्होंने हमसे बात की थी। और जब उन्होंने निर्णय ले लिया, तो आपको उनका सम्मान करना होता है।”
आगरकर ने मोहम्मद शमी को इंग्लैंड सीरीज़ से बाहर रखने की वजह भी बताई। उनके अनुसार शमी फिट नहीं थे और पिछले छह से आठ महीनों में उनकी मैच फिटनेस भी ठीक नहीं रही।
रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड के खिलाफ बंगाल के मैच से पहले शमी ने नाराज़गी जताई थी कि अगर वह रणजी खेलने के लिए फिट हैं तो वनडे भी खेल सकते थे।
इस पर आगरकर ने जवाब दिया, “अगर शमी यहां होते तो मैं उन्हें जवाब देता। अगर वह फिट होते तो हम शमी जैसे गेंदबाज़ को क्यों नहीं चुनते? मैंने उनसे कई बार बात की है। पिछले छह से आठ महीनों में हमने पाया कि वह फिट नहीं थे। इंग्लैंड दौरे के लिए भी वे फिट नहीं थे।”
आगरकर ने यह भी कहा कि उनके समय में उन्होंने कभी राष्ट्रीय चयनकर्ता को फोन नहीं किया था, लेकिन अब समय बदल गया है और कई युवा खिलाड़ी चयन न होने पर उन्हें फोन करते हैं।
उन्होंने कहा, “एक बात तय है — उन्हें मेरी तरफ़ से 100 फ़ीसदी ईमानदारी मिलती है।”








