IPL 2026: कर्नाटक मंत्री ने बताया क्यों बेंगलुरु से छीनी गई फाइनल की मेज़बानी!

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गुरुवार को कहा कि BCCI ने संभवतः वित्तीय लाभ को ध्यान में रखते हुए IPL 2026 का फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया।

उन्होंने साफ किया कि बेंगलुरु में सुरक्षा या व्यवस्थाओं को लेकर कोई शिकायत नहीं थी और विधायकों को टिकट देने का इस फैसले से कोई संबंध नहीं है।

BCCI ने बुधवार को पुष्टि की थी कि 31 मई को होने वाला IPL फाइनल लगातार दूसरे साल अहमदाबाद में खेला जाएगा, जबकि पहले यह मुकाबला बेंगलुरु में आयोजित होना था। वहीं, क्वालिफायर 1 धर्मशाला और बाकी दो प्लेऑफ मुकाबले न्यू चंडीगढ़ में होंगे।

परमेश्वर ने कहा, “यहां पांच मैच हो चुके हैं और सुरक्षा को लेकर एक भी शिकायत नहीं आई। BCCI को व्यवस्थाओं पर कोई आपत्ति नहीं थी। IPL, RCB या KSCA की ओर से पुलिस या प्रशासन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली।”

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अनौपचारिक रूप से हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक यहां के चिन्नास्वामी स्टेडियम में करीब 33,000 सीटें हैं। इनमें से लगभग 7,000-8,000 सीटें VIPs, स्पॉन्सर्स, RCB और फाइनल खेलने वाली टीमों के लिए ब्लॉक रहती हैं। ऐसे में सिर्फ करीब 25,000 टिकट ही बचते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “व्यावसायिक रूप से यह फायदेमंद नहीं पड़ रहा होगा, इसलिए शायद मैच अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया गया, जहां एक लाख दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम है। यह चर्चा शुरुआत से चल रही थी। KSCA चाहता था कि नियमों के अनुसार पहला और आखिरी मैच मौजूदा चैंपियन के होम ग्राउंड पर हो, लेकिन शायद BCCI ने इस बार अपवाद बना दिया।”

गृह मंत्री ने इस दावे को भी खारिज किया कि विधायकों को टिकट देने की वजह से फाइनल हटाया गया।

उन्होंने कहा, “इसका इससे कोई लेना-देना नहीं है। कितने पास दिए गए? चार पास से क्या फर्क पड़ जाएगा?”

बुधवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इन आरोपों को नकारते हुए कहा था कि फाइनल अहमदाबाद शिफ्ट होने की वजह वहां का बड़ा स्टेडियम हो सकता है।

चूंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मौजूदा चैंपियन है, इसलिए फाइनल बेंगलुरु में होना तय माना जा रहा था। अहमदाबाद इससे पहले 2022 और 2023 में भी IPL फाइनल की मेज़बानी कर चुका है।

BCCI ने अपने प्रेस रिलीज़ में कहा था, “बेंगलुरु को मूल रूप से फाइनल की मेज़बानी सौंपी गई थी। लेकिन स्थानीय संघ और अधिकारियों की कुछ आवश्यकताएं BCCI के स्थापित दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉल से बाहर थीं, जिसके चलते आयोजन स्थल बदला गया।”

हालांकि BCCI ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कर्नाटक में ऐसी कौन-सी आवश्यकताएं थीं।

मार्च में KSCA अधिकारियों के साथ बैठक के बाद डीके शिवकुमार ने घोषणा की थी कि हर विधायक को IPL मैचों के लिए तीन मुफ्त टिकट और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए दो मुफ्त टिकट दिए जाएंगे, साथ ही दो अतिरिक्त टिकट खरीदने का विकल्प भी होगा। इस फैसले की कई वर्गों ने आलोचना की थी।

यह बयान तब आया था जब विधानसभा में दोनों दलों के विधायकों ने टिकट और बैठने की व्यवस्था को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद स्पीकर यू टी खदर ने सरकार से अनुरोध किया था कि हर विधायक को मैचों के दौरान चार VIP टिकट उपलब्ध कराए जाएं।