
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार ने सोमवार को शानदार गेंदबाज़ी करते हुए दिखाया कि अच्छी गेंदबाज़ी और पिच से थोड़ी मदद मिल जाए तो आईपीएल में बैट और बॉल के बीच संतुलन फिर से बनाया जा सकता है।
इस सीजन में अक्सर 200 से ज्यादा रन आसानी से बन रहे हैं और टीमें बड़े लक्ष्य भी चेज कर रही हैं। फ्लैट पिच और छोटे मैदान के कारण बल्लेबाज़ों का दबदबा साफ नजर आया है।
आलोचकों का मानना है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम ने भी इस असंतुलन को बढ़ाया है, क्योंकि इससे टीमों को गेंदबाज़ की जगह अतिरिक्त बल्लेबाज़ उतारने का मौका मिलता है।
शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का बड़ा स्कोर बनाया था, लेकिन पंजाब किंग्स ने रिकॉर्ड रन चेज कर लिया।
लेकिन सिर्फ दो दिन बाद, उसी अरुण जेटली स्टेडियम में हालात पूरी तरह बदल गए। हेज़लवुड और भुवनेश्वर ने मिलकर 7 विकेट लिए और दिल्ली को सिर्फ 75 रन पर समेट दिया।
पावरप्ले में जहां आमतौर पर बल्लेबाज़ों का दबदबा रहता है, वहीं इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ चार ओवर में छह विकेट गंवा दिए।
दोनों गेंदबाज़ों ने टेस्ट मैच जैसी सटीक लेंथ पर गेंदबाज़ी की और गेंद को स्विंग कराया, जिससे बल्लेबाज़ पूरी तरह असहज नजर आए।
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, “मैं भी हैरान हूं कि विकेट ने ऐसा खेल दिखाया। उन्होंने जिस तरह सही एरिया में गेंद डाली और स्विंग हासिल की, वह शानदार था। हमें शुरुआती विकेट मिले और उसी से हम मैच में आगे रहे।”
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने माना कि उनकी टीम दो विश्वस्तरीय गेंदबाज़ों के सामने संघर्ष कर गई।
उन्होंने कहा, “वे हर मैदान पर गेंद को स्विंग कराते हैं। अगर हमारे ओपनर या टॉप ऑर्डर कुछ और ओवर टिक जाते, तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था। जिस तरह उन्होंने गेंदबाज़ी की, उसका श्रेय उन्हें जाता है।”
इस मुकाबले ने दिखा दिया कि सही परिस्थितियों में गेंदबाज़ भी मैच पर पूरी तरह हावी हो सकते हैं।








