
जहां विराट कोहली, रजत पाटीदार और भुवनेश्वर कुमार को लगातार दूसरी बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को IPL चैंपियन बनाने का श्रेय मिल रहा है, वहीं एक शख्स ऐसा भी है जो शायद किसी शांत कोने में चुपचाप मुस्कुरा रहा होगा।
वह शख्स हैं एंडी फ्लावर — वो शांत क्रांतिकारी जिन्होंने RCB को सिर्फ इतिहास तलाशने वाली टीम से इतिहास बनाने वाली टीम में बदल दिया।
अगस्त 2023 में जब एंडी फ्लावर ने RCB का जिम्मा संभाला, तब तक टीम अपने पहले IPL खिताब की तलाश में भटक रही थी और सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग का सामना कर रही थी। यह कहना गलत नहीं होगा कि उस समय RCB IPL की “पेरिस सेंट-जर्मेन” बन चुकी थी — एक ऐसी टीम जिसके पास बड़े-बड़े स्टार्स तो थे, लेकिन ट्रॉफी नहीं।
विराट कोहली के अलावा युवराज सिंह, क्रिस गेल, डेल स्टेन, शेन वॉटसन और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से सजी टीम भी सालों तक निराशा झेलती रही। ठीक वैसे ही जैसे PSG ने 2023 में लुइस एनरिके के आने के बाद अपना सुनहरा दौर शुरू किया, उसी साल RCB को भी एंडी फ्लावर के रूप में अपना “मसीहा” मिल गया।
जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर एंडी फ्लावर हमेशा टीमवर्क, संतुलन और मजबूत संरचना पर विश्वास रखते हैं। उन्होंने इंग्लैंड को 2005 एशेज, 2010 T20 वर्ल्ड कप और 2012 में भारत में टेस्ट सीरीज़ जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में भी उन्होंने मराठा अरेबियंस, गल्फ जायंट्स, मुल्तान सुल्तांस और ट्रेंट रॉकेट्स जैसी टीमों को खिताब जिताए।
लेकिन RCB में आकर फ्लावर को टीम की पुरानी सोच बदलनी थी। माइक हेसन की जगह लेने के बाद उनका पहला फोकस था टीम की गेंदबाजी को मजबूत करना। IPL 2025 से पहले भुवनेश्वर कुमार को 10.75 करोड़ में खरीदने के फैसले की काफी आलोचना हुई थी।
हालांकि, यही फैसला बाद में मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने दो सीज़नों में 45 विकेट लेकर RCB की गेंदबाजी यूनिट को मजबूती दी।
फ्लावर ने मेंटर दिनेश कार्तिक, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बॉबट और स्काउट्स की मदद से युवा गेंदबाजों जैसे रसिख सलाम डार, सुयश शर्मा, अभिनंदन सिंह और मंगेश यादव को भी टीम में मौका दिया।
कप्तान रजत पाटीदार ने भी फ्लावर की खिलाड़ियों को संभालने की क्षमता की खुलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “मैं चार साल से IPL खेल रहा हूं। मेरे हिसाब से वह सबसे बेहतरीन कोचों में से एक हैं। वह सिर्फ प्लेइंग इलेवन के खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि नए और बाहर बैठे खिलाड़ियों पर भी बराबर समय देते हैं। मेरे पास उनकी तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन वह मेरे करियर के सबसे अच्छे कोच हैं।”
पाटीदार ने रसिख सलाम डार का उदाहरण देते हुए कहा कि फ्लावर ने उनमें आत्मविश्वास भरा।
“जब हमने रसिख को मौका दिया, वह काफी कॉन्फिडेंट दिखे। उन्हें अपनी स्लोअर बॉल, बैक ऑफ द हैंड और यॉर्कर पर पूरा भरोसा था। उन्होंने IPL 2026 में भुवी और जोश हेज़लवुड का शानदार साथ दिया। उनके रोल को लेकर हमेशा स्पष्टता रही।”
पाटीदार के मुताबिक, यह स्पष्टता इसलिए आई क्योंकि टीम मैनेजमेंट हर खिलाड़ी को बराबरी से ट्रीट करता है, चाहे उसकी कीमत कितनी भी हो।
उन्होंने कहा, “टीम का कल्चर पूरी तरह बदल गया है। खिलाड़ियों की सोच में बड़ा बदलाव आया है और इसका पूरा श्रेय कोचिंग स्टाफ को जाता है। वे नए खिलाड़ियों को भी उतना ही महत्वपूर्ण मानते हैं जितना अनुभवी खिलाड़ियों को। हर खिलाड़ी के साथ समान व्यवहार करना ही सबसे बड़ा बदलाव है।”
एंडी फ्लावर के नेतृत्व में RCB का बदला हुआ कल्चर अब साफ नजर आता है। सालों तक टीम ऐसे कोच की तलाश में थी जो उन्हें वह सपना दिला सके जिसका इंतजार 18 साल से था।
और जब सही इंसान मिला, तो उसने लगातार दो बार ट्रॉफी बेंगलुरु पहुंचा दी।








