
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का समर्थन करते हुए कहा है कि आईपीएल जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में कप्तानी करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसे अक्सर लोग कम आंकते हैं।
अश्विन ने कहा कि रुतुराज ने 2024 में सीएसके की कप्तानी संभाली थी, जो एमएस धोनी युग के अंत की शुरुआत थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी बड़ी फ्रेंचाइजी में नया लीडरशिप ग्रुप तैयार होने में समय लगता है और फैंस समेत सभी लोगों को धैर्य रखना चाहिए।
अश्विन ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा, “कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी का असर रुतुराज गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर साफ दिखाई दे रहा है। टी20 क्रिकेट पहले से ही बहुत चुनौतीपूर्ण है और उसके साथ सीएसके जैसी फ्रेंचाइजी की उम्मीदों का दबाव किसी भी खिलाड़ी को प्रभावित कर सकता है।”
अश्विन दो अलग-अलग दौर में कुल नौ साल तक सीएसके का हिस्सा रहे। वह पहली बार 2008 से 2015 तक टीम में रहे और फिर 2025 में वापसी की, जिसके बाद अगस्त में उन्होंने संन्यास की घोषणा की।
मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पांच विकेट से हार के बाद सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। टीम का अब सिर्फ एक लीग मैच बाकी है और क्वालिफाई करने के लिए उसे दूसरे मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।
अश्विन ने कहा, “एमएस धोनी के बाद चेन्नई सुपर किंग्स साफ तौर पर बदलाव के दौर से गुजर रही है। फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों—फैंस, टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों—को यह समझना होगा कि नई टीम तैयार होने में समय लगता है।”
उन्होंने आगे कहा, “सीएसके की विरासत इतनी बड़ी है कि टीम से हमेशा बहुत ऊंची उम्मीदें रहती हैं। लेकिन इस नए ग्रुप को खुद को विकसित करने के लिए समय और धैर्य दोनों की जरूरत है।”
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने भी रुतुराज गायकवाड़ के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी या कप्तान को सिर्फ एक सीजन के आधार पर जज नहीं करना चाहिए क्योंकि टी20 क्रिकेट बहुत अनिश्चित और कठिन फॉर्मेट है।
फिंच ने कहा, “कप्तानी के नजरिए से देखें तो रुतुराज ने टीम को अच्छी तरह संभाला है। मैदान पर उनके फैसले और शांत स्वभाव काफी प्रभावशाली रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कई बार खराब फॉर्म और कप्तानी का दबाव एक साथ असर डालते हैं। फिलहाल रुतुराज को अपनी बल्लेबाजी की लय वापस हासिल करनी होगी और लगातार रन बनाने पर ध्यान देना होगा। उनके अंदर क्वालिटी अब भी मौजूद है और टी20 क्रिकेट में चीजें बहुत जल्दी बदल सकती हैं।”








