हरभजन सिंह का हमला: ‘कम उपलब्धि’ वालों को क्यों मिल रहा है रोहित-विराट के भविष्य का फैसला करने का हक?

पूर्व भारतीय ऑफ़-स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा 2027 ODI वर्ल्ड कप तक खेलते रहेंगे, लेकिन उन्हें इस बात का अफ़सोस है कि उनके भविष्य पर वे लोग निर्णय ले रहे हैं जिन्होंने खुद क्रिकेट में ज़्यादा हासिल नहीं किया।

38 वर्षीय रोहित और 37 वर्षीय कोहली अब केवल वनडे फॉर्मेट खेलते हैं। जैसे-जैसे दुनिया भर में ODI कैलेंडर सिमट रहा है, यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे 2027 वर्ल्ड कप (साउथ अफ्रीका) तक खेल पाएंगे।

सेलेक्टर प्रमुख अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर ने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने यह संकेत दिया है कि वे अपनी जगह के लिए लड़ने को तैयार हैं।

हरभजन ने शारजाह में चल रहे DP World ILT20 सीजन 4 के दौरान कहा— “ये हमारी समझ से बाहर है। मैं इसका जवाब नहीं दे सकता, मैं खुद खिलाड़ी रहा हूँ और मेरे साथ भी ऐसा हुआ है, मेरे कई साथी खिलाड़ियों के साथ भी। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”

उन्होंने आगे कहा— “मैं बहुत खुश हूँ कि विराट कोहली अभी भी इतने दमदार अंदाज़ में खेल रहे हैं। लेकिन थोड़ा अफ़सोस है कि उनके भविष्य पर वे लोग निर्णय ले रहे हैं जिन्होंने खुद कुछ खास हासिल नहीं किया।”

भारत के चौथे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज़ (417 विकेट) हरभजन ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या रोहित और कोहली को सही तरह हैंडल किया जा रहा है।

रोहित और विराट के फॉर्म से खुश हरभजन

रोहित हाल के चार इनिंग्स में दो फिफ्टी और एक नाबाद 121 रन ठोक चुके हैं। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ में लगातार दो शतक जड़कर धमाका कर दिया है।

हरभजन बोले— “उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं, वे हमेशा भारत के महान खिलाड़ी रहे हैं। वे टीम के लीडर हैं। मैं उनके लिए बहुत खुश हूँ कि वे इतने मजबूत ढंग से खेल रहे हैं… और नई पीढ़ी को दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या चाहिए।”

भारत की हालिया टेस्ट नाकामी पर सवाल

गंभीर के कोच बनने के बाद भारत 7 में से 5 घरेलू टेस्ट हार चुका है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार ने 25 साल बाद घरेलू सीरीज़ गंवाने का रिकॉर्ड बना दिया।

हरभजन ने कहा कि समस्या पिचों से शुरू होती है।

“हमें अच्छी पिचों पर खेलना शुरू करना होगा। हम अपने बल्लेबाज़ों को रन बनाने का मौका ही नहीं देते। विदेशों में बल्लेबाज़ रन बनाते हैं क्योंकि वहाँ विकेट अच्छे होते हैं। हमारे यहाँ 10–12 साल से पिचें इतनी स्पिनर-फ्रेंडली बन रही हैं कि नए गेंद से ही स्पिनर बॉलिंग कर रहे हैं—ये ठीक नहीं है।”

उन्होंने पूछा— “हमारी टीम इतनी मजबूत है, हम पाँच दिन भी खेलेंगे तो जीत सकते हैं। फिर दो-दो दिन में टेस्ट खत्म क्यों कर रहे हो?”

गुवाहाटी टेस्ट जो पूरे पाँच दिन चला, उस पर भज्जी बोले—
“हम उस पिच पर इसलिए नहीं खेल पाए क्योंकि हमें अब पाँच दिन खेलने की आदत ही नहीं रही है।”

अंडर-प्रिपेयर्ड टर्नर्स से और बिगड़ेगा हाल

हरभजन ने कहा कि टी20 क्रिकेट के कारण बल्लेबाज़ों में धैर्य कम हो गया है— “दो–तीन को छोड़ दें तो बाकियों में अब उतना सब्र ही नहीं बचा है। ऐसी पिचों पर खेलते रहेंगे तो किसी के लिए भी टेस्ट क्रिकेट दिलचस्प नहीं रहेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ऐसी पिचों पर एक स्ट्राइक-स्पिनर भी तैयार नहीं कर पा रहा।

अंत में हरभजन बोले— “हमने 20 साल क्रिकेट खेली है, थोड़ा बहुत तो समझते हैं। अब समय आ गया है कि भारत में अच्छी पिचें बनाई जाएँ—बस इतना ही।”