
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार इतिहास रचने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अगर RCB रविवार को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी IPL ट्रॉफी जीतती है, तो पाटीदार एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों की खास सूची में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने अपनी टीम को लगातार IPL खिताब दिलाए हैं।
हालांकि पाटीदार किसी और कप्तान की नकल करने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाए रखने में विश्वास रखते हैं।
शनिवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में PTI के अनुसार पाटीदार ने कहा, “हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है। लेकिन मैं कभी खुद को बदलने की कोशिश नहीं करता क्योंकि अपने जैसा बने रहना बहुत जरूरी है। मैं हमेशा इसी पर फोकस करता हूं। कप्तान बनने का मतलब यह नहीं कि मुझे कुछ अलग करना पड़े।”
32 वर्षीय पाटीदार ने साफ कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ RCB को एक और खिताब दिलाना है, किसी पुराने कप्तान से मुकाबला करना नहीं।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी यह नहीं सोचा कि किसी कप्तान ने पहले क्या किया और मुझे किसी से प्रतिस्पर्धा करनी है या नहीं। एक इंसान के तौर पर मेरी यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जहां भी रहता हूं, मैं सिर्फ इस पर ध्यान देता हूं कि मैं सबसे अच्छा क्या कर सकता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी आगे या पीछे देखने के बारे में नहीं सोचा। अगर मैं यहां हूं, तो मेरा पूरा ध्यान इस पर है कि फाइनल से पहले मैं क्या कर सकता हूं। कल फाइनल है, इसलिए हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।”
पाटीदार ने माना कि RCB ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से उन्हें काफी सीखने को मिला है।
उन्होंने कहा, “मुझे मैदान के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीखने को मिला है। टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिनसे मुझे काफी अच्छे आइडियाज मिलते हैं। मैं उन चीजों को समझने और खेल में लागू करने की कोशिश करता हूं।”
मध्य प्रदेश के इस बल्लेबाज ने टीम मैनेजमेंट, खासकर एंडी फ्लावर और मो बॉबट की भी तारीफ की, जिन्होंने उन्हें खुलकर काम करने की आजादी दी।
उन्होंने कहा, “मैनेजमेंट का भी बहुत बड़ा रोल है क्योंकि उन्होंने कभी मुझ पर दबाव नहीं डाला। वे जानते हैं कि मैं कैसा इंसान हूं। सीनियर खिलाड़ी भी मुझे अच्छी तरह समझते हैं। इसलिए मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। मैं अपने जोन में रहता हूं और वही मेरी मदद कर रहा है।”
पाटीदार ने कहा कि उन्हें युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी पसंद है।
उन्होंने कहा, “मुझे उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता है। मैं हमेशा उन्हें कहता हूं कि अपने जैसा बने रहना जरूरी है। मैं भी 2021 में इसी स्थिति में था। तब मैं सीनियर खिलाड़ियों को देखता था और घबराहट महसूस होती थी।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं उन्हें यही समझाता हूं कि सामने कौन खड़ा है, इस बारे में ज्यादा मत सोचो। तुम यहां इसलिए हो क्योंकि तुम इसके हकदार हो। अपनी ताकत पर ध्यान दो, उन चीजों पर नहीं जो तुम्हारे नियंत्रण में नहीं हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या अब वह भारतीय टीम की कप्तानी के बारे में सोचते हैं, खासकर टी20 फॉर्मेट में, तो उन्होंने साफ जवाब दिया।
पाटीदार ने कहा, “मैं भारत टीम में चयन को लेकर अभी नहीं सोच रहा हूं। मैं खुद को भारत का टी20 कप्तान बनते हुए भी फिलहाल विजुलाइज नहीं करता।”








