
फ्रेया केम्प के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड ने शनिवार को ब्रिस्टल में खेले गए दूसरे महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 26 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली।
केम्प ने पहले बल्लेबाजी में सिर्फ 13 गेंदों पर नाबाद 39 रन की तूफानी पारी खेली और फिर गेंदबाजी में 2 विकेट लेकर भारत को 169 रन के लक्ष्य के जवाब में 142/9 पर रोक दिया। उन्होंने स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स जैसे अहम विकेट भी चटकाए। अब सीरीज का निर्णायक मुकाबला मंगलवार को टॉन्टन में खेला जाएगा।
भारत ने इंग्लैंड को काफी हद तक नियंत्रण में रखा था, जहां बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 3/25 के शानदार आंकड़े दर्ज किए। लेकिन अंतिम ओवरों में केम्प ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अरुंधति रेड्डी के आखिरी ओवर में दो छक्के और दो चौके लगाए। इंग्लैंड ने आखिरी दो ओवरों में 39 रन बटोरे और 5 विकेट पर 168 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने तेज शुरुआत की। ओपनर्स शेफाली वर्मा (14 गेंदों में 22 रन) और स्मृति मंधाना (25 गेंदों में 32 रन) ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। दोनों के आउट होने के बाद भी भारत 10 ओवर में 78/2 के मजबूत स्कोर पर था।
हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड की स्पिनर्स चार्ली डीन और सोफी एक्लेस्टोन ने मैच पर पकड़ बना ली। दोनों ने बीच के ओवरों में रन गति पर रोक लगाई और लगातार दबाव बनाकर आवश्यक रन रेट बढ़ा दिया।
यास्तिका भाटिया को 29 रन पर जीवनदान मिला जब डीन ने उनका कैच छोड़ दिया, लेकिन वह तेजी से रन नहीं बना सकीं। जब रन रेट 12 रन प्रति ओवर से ऊपर चला गया, तब भारत ने 36 गेंदों पर 33 रन बनाकर खेल रहीं यास्तिका को रिटायर्ड आउट करने का फैसला किया।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 22 गेंदों पर 28 रन बनाकर मुकाबला जिंदा रखने की कोशिश की। उन्होंने लॉरेन बेल की गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर शानदार छक्का भी लगाया। इसी पारी के दौरान हरमनप्रीत महिला टी20I इतिहास में 4000 रन पूरे करने वाली तीसरी बल्लेबाज बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि सूजी बेट्स और स्मृति मंधाना ने हासिल की थी।
लेकिन इंग्लैंड लगातार अहम मौकों पर विकेट निकालता रहा।
फ्रेया केम्प ने जेमिमा रोड्रिग्स को आउट किया और फिर चार्ली डीन ने चार गेंदों के अंदर ऋचा घोष (8) और हरमनप्रीत कौर के विकेट लेकर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया।
हरमनप्रीत का विकेट मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। वह बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में डीन की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गईं।
लगातार बढ़ते रन रेट और गिरते विकेटों के बीच भारतीय टीम वापसी नहीं कर सकी और इंग्लैंड ने आरामदायक जीत दर्ज कर सीरीज में बराबरी कर ली।
इससे पहले इंग्लैंड की शुरुआत काफी धीमी रही और पहले दो ओवरों में सिर्फ 6 रन बने। इसके बाद सोफिया डंकली ने अरुंधति रेड्डी की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर छक्का लगाकर दबाव कम किया।
भारत को शुरुआती सफलता डेब्यू कर रही नंदिनी शर्मा ने दिलाई। डंकली (14 गेंदों में 10 रन) विकेटकीपर ऋचा घोष को कैच दे बैठीं।
पावरप्ले में इंग्लैंड सिर्फ 35/1 तक पहुंच पाया और बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।
मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रहीं डैनी वायट-हॉज और एमी जोन्स ने 36 रन की साझेदारी कर पारी संभालने की कोशिश की। लेकिन श्री चरणी ने वायट-हॉज (25 गेंदों में 29 रन) को आउट कर भारत को सफलता दिलाई। उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन शॉर्ट थर्ड पर खड़ी स्मृति मंधाना को कैच दे बैठीं।
चरणी ने बाद में सेट बल्लेबाज एमी जोन्स (22 गेंदों में 28 रन) को भी आउट कर इंग्लैंड की रन गति धीमी कर दी।
एलिस कैप्सी ने 28 रन की अच्छी पारी खेली और जोन्स के साथ 27 रन जोड़े, लेकिन श्रेयंका पाटिल ने उनका विकेट लेकर भारत को राहत दिलाई।
जब लग रहा था कि भारत पूरी तरह मैच पर नियंत्रण बना चुका है, तभी फ्रेया केम्प ने अंतिम ओवरों में विस्फोटक कैमियो खेलकर इंग्लैंड को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया। धीमी और मुश्किल बल्लेबाजी वाली पिच पर उनका योगदान मैच जिताऊ साबित हुआ।








