
पैराग्वे ने सोमवार को फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम देते हुए चार बार की चैंपियन जर्मनी को रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। 120 मिनट तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहने के बाद पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज कर अंतिम-16 में जगह बना ली।
जोसे कैनाले ने निर्णायक पेनल्टी गोल दागकर पैराग्वे को यादगार जीत दिलाई। अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए पैराग्वे का सामना फ्रांस या स्वीडन में से किसी एक टीम से होगा।
जर्मनी की ओर से काई हैवर्ट्ज़, निक वोल्टेमाडे और जोनाथन ताह अपनी पेनल्टी चूक गए। वहीं पैराग्वे ने भी दो पेनल्टी गंवाईं, लेकिन कैनाले ने दबाव में शानदार संयम दिखाते हुए निर्णायक गोल किया और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
अतिरिक्त समय में जर्मनी के पास मैच जीतने का सुनहरा मौका था, जब ताह ने हेडर के जरिए गेंद को जाल में पहुंचाया। हालांकि, VAR समीक्षा के बाद गोलकीपर पर फाउल पाए जाने के कारण गोल रद्द कर दिया गया। यह वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार था जब जर्मनी पेनल्टी शूटआउट में हारा।
यह जीत पैराग्वे के वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी जीत साबित हुई। 2010 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में खेलने उतरी पैराग्वे ने अनुशासित और जुझारू प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार टीमों में से एक जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
वहीं जर्मनी के लिए यह एक और बड़ा झटका रहा। इससे पहले टीम 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी।
मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने गेंद पर अपना दबदबा बनाए रखा। टूर्नामेंट के शीर्ष गोल स्कोरर डेनिज़ उंडाव ने पहली बार शुरुआती एकादश में जगह बनाई। जर्मनी ने पहले हाफ में 244 पास पूरे किए, जबकि पैराग्वे सिर्फ 31 पास ही कर सका। इसके बावजूद जर्मन टीम पहले हाफ में गोल पर एक भी शॉट नहीं लगा सकी।
दूसरी ओर, पैराग्वे ने अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। निलंबन के बाद लौटे मिगुएल अल्मिरोन ने दाएं छोर से शानदार आक्रमण की शुरुआत की, जिसके बाद जूलियो एनसिसो ने हेडर के जरिए गोल कर वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में पैराग्वे का पहला गोल दाग दिया।
इस गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद पैराग्वे के समर्थक खुशी से झूम उठे, जबकि जर्मन प्रशंसक स्तब्ध रह गए। गेंद पर लगभग पूरा नियंत्रण रखने के बावजूद जर्मनी हाफ टाइम तक 0-1 से पीछे था।
दूसरे हाफ के नौवें मिनट में जर्मनी ने आखिरकार बराबरी हासिल की। फ्लोरियन विर्ट्ज़ के शानदार क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज़ ने हेडर के जरिए गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया।
102वें मिनट में जर्मनी ने जोनाथन ताह के जरिए बढ़त भी हासिल कर ली थी, लेकिन लंबी VAR समीक्षा के बाद गोल रद्द कर दिया गया। इसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां पैराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।







