फीफा विश्व कप: सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए इंग्लैंड की टक्कर नॉर्वे से, एरलिंग हालैंड बनेंगे सबसे बड़ा खतरा!

फीफा विश्व कप का 60 साल का खिताबी सूखा खत्म करने की इंग्लैंड की उम्मीदों के सामने शनिवार को एक और बड़ी चुनौती होगी, जब उसकी भिड़ंत क्वार्टर फाइनल में मियामी में एरलिंग हालैंड की अगुआई वाली नॉर्वे से होगी।

राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद इंग्लैंड इस मुकाबले में प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा। हैरी केन और जूड बेलिंघम शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति के सामने हालैंड को रोकने की बड़ी चुनौती होगी।

मैनचेस्टर सिटी के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड ने अपने पहले चार विश्व कप मैचों में सात गोल किए हैं। ब्राज़ील के खिलाफ उनके शानदार दो गोलों की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

नॉर्वे के शानदार प्रदर्शन के बावजूद हालैंड का मानना है कि इस मुकाबले का पूरा दबाव इंग्लैंड पर है।

हालैंड ने पत्रकारों से कहा, “इस टूर्नामेंट में कुछ टीमें साफ तौर पर फेवरेट हैं और इंग्लैंड उनमें से एक है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि आप सभी को पूरा दबाव इंग्लैंड के खिलाड़ियों पर डालना चाहिए।”

28 साल बाद विश्व कप खेल रही नॉर्वे की टीम पहले ही उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर चुकी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले लंबे जहाजों (लॉन्गशिप) के सामने वाइकिंग्स की पोशाक में टीम की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। तब से नॉर्वे के प्रशंसक हर जीत का जश्न मशहूर ‘वाइकिंग रो’ अंदाज में मना रहे हैं।

ब्राज़ील पर ऐतिहासिक जीत के बाद हालैंड ने भी इस जश्न की अगुवाई की।

उन्होंने कहा, “ब्राज़ील के खिलाफ खेलना ही हमारे लिए खास था और फिर उन्हें हराकर अमेरिका में इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल खेलना इसे और भी यादगार बना देता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप नॉर्वे में हो रहे जश्न को देखेंगे तो समझ जाएंगे कि हम इसके आदी नहीं हैं। यह हमारे लिए बेहद खास पल है।”

दूसरी ओर, इंग्लैंड लगातार तीसरी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। उसने राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको को 3-2 से हराकर जगह बनाई, जबकि दूसरे हाफ का एक बड़ा हिस्सा टीम ने 10 खिलाड़ियों के साथ खेला।

इंग्लैंड ने 1966 के बाद कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता है, लेकिन मौजूदा पीढ़ी लगातार बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करती रही है। टीम पिछले दो यूरोपीय चैंपियनशिप में उपविजेता रही, जबकि पिछले दो विश्व कप में एक बार सेमीफाइनल और एक बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी।

इंग्लैंड के विंगर बुकायो साका ने कहा, “हम पहले भी ऐसी स्थिति में रह चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जिस टीम का प्रदर्शन उस दिन बेहतर होगा, वही जीतेगी और फिलहाल हमारा पूरा ध्यान इसी पर है।”

हैरी केन और जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड के आक्रमण की अगुवाई की है। दोनों मिलकर टूर्नामेंट में टीम के 11 में से 10 गोल कर चुके हैं।

हालांकि इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता उसकी डिफेंस है। जारेल क्वांसा राउंड ऑफ 16 में रेड कार्ड मिलने के कारण दो मैचों के निलंबन की वजह से यह मुकाबला नहीं खेल पाएंगे। वहीं, रीस जेम्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण संदेह में हैं, जिससे कोच थॉमस टुखेल को अपनी डिफेंस लाइन में बदलाव करना पड़ सकता है।

मियामी का मौसम भी मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकता है। यहां गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। इंग्लैंड अब तक ऐसे हालात से काफी हद तक बचा रहा है क्योंकि उसके कई मैच बारिश या एयर-कंडीशंड स्टेडियमों में खेले गए थे।