
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के मैच के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की चौंकाने वाली घोषणा के बीच, न्यूज़ीलैंड ने ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
यह 2021 के बाद पहली बार है जब इंग्लैंड अपने घर में कोई टेस्ट सीरीज हारा है। साथ ही, 14 वर्षों में पहली बार इंग्लैंड को घरेलू सरज़मीं पर तीन या उससे अधिक टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
सुबह के चौथे ओवर में महज पांच गेंदों के भीतर दो विकेट गिरने के साथ ही इंग्लैंड की मुश्किल लक्ष्य का पीछा कर जीत हासिल करने की बची-खुची उम्मीद भी समाप्त हो गई।
सबसे पहले एमिलियो गे आउट हुए, जिन्हें बेन स्टोक्स के ओपनिंग करने के फैसले के बाद छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। गे 10 रन बनाकर नाथन स्मिथ की शानदार गेंद पर विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच थमा बैठे।
इसके चार गेंद बाद हेनरी निकोल्स ने जो रूट (18) को बैकवर्ड पॉइंट पर शानदार फील्डिंग के दम पर रन आउट कर दिया। निकोल्स ने संतुलन खोने के बावजूद एक ही स्टंप पर सीधा थ्रो मारकर रूट की पारी का अंत किया। इसके बाद जेमी स्मिथ भी खाता खोलने से पहले रन आउट होने से बचने की कोशिश में असफल रहे।
पितृत्व अवकाश के कारण दूसरा टेस्ट नहीं खेलने वाले जेमी स्मिथ ने वापसी करते हुए गस एटकिंसन के साथ सातवें विकेट के लिए 75 रन की साझेदारी की।
हालांकि, लंच से ठीक पहले स्पिनर मिचेल सैंटनर ने एटकिंसन (19) को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद जोफ्रा आर्चर कैच आउट हुए, जबकि जोश टंग सैंटनर के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए। आधे खाली ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम में इंग्लैंड की पूरी टीम 212 रन पर सिमट गई। जेमी स्मिथ 91 गेंदों में 60 रन बनाकर सैंटनर की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर कैच आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे।
एशेज में करारी हार के बाद इंग्लैंड एक नई शुरुआत की उम्मीद कर रहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बजाय टीम का संकट और गहरा हो गया। अब इंग्लैंड ने अपने पिछले नौ टेस्ट मैचों में से सात गंवा दिए हैं। कप्तान बेन स्टोक्स भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दिन पवेलियन से यह हार देखते रहे। अब इंग्लैंड इस गर्मी में पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा।
लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीतने के बाद ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड सही दिशा में लौट आया है। लेकिन इसके बाद लंदन के एक नाइटक्लब में देर रात हुई घटना के कारण बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया, जिससे टीम की लय टूट गई।
टीम के कर्फ्यू का उल्लंघन करने के अलावा उन पर कोई गंभीर आरोप साबित नहीं हुआ और दोनों तीसरे टेस्ट के लिए ट्रेंट ब्रिज लौटे। लेकिन तब तक न्यूज़ीलैंड सीरीज बराबर कर चुका था और पूरे आत्मविश्वास के साथ निर्णायक मुकाबले में उतरा।
न्यूज़ीलैंड ने ट्रेंट ब्रिज में मैट हेनरी और ग्लेन फिलिप्स जैसे चोटिल खिलाड़ियों तथा आराम दिए गए काइल जैमीसन की गैरमौजूदगी के बावजूद इंग्लैंड से बेहतर प्रदर्शन किया।
पहली पारी में जोफ्रा आर्चर की गेंद लगने के बाद ब्लेयर टिकनर को कंकशन (सिर में चोट) के लक्षणों के कारण दूसरे दिन ही मुकाबले से बाहर होना पड़ा। वहीं पांचवें दिन खेल शुरू होने के 35 मिनट बाद विल ओ’रूर्के हैमस्ट्रिंग चोट के कारण अपना स्पेल पूरा नहीं कर सके।
इसके बावजूद न्यूज़ीलैंड के बाकी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। नाथन स्मिथ और कंकशन सब्स्टीट्यूट ज़ैक फॉल्क्स ने पूरे मैच में छह-छह विकेट लेकर टीम की ऐतिहासिक सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई।








