
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय टी20 टीम में चुने गए युवा सनसनी बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को लेकर बढ़ते उत्साह को शांत करने की कोशिश की है। गांगुली का मानना है कि इस युवा प्रतिभा पर अत्यधिक उम्मीदों का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
15 वर्षीय वैभव भारत की राष्ट्रीय टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें आयरलैंड, इंग्लैंड और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है।
गांगुली ने पीटीआई से कहा, “मुझे लगता है कि हमें उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। वह अभी सिर्फ 15 साल का है और मुझे नहीं लगता कि वह दबाव की ज्यादा परवाह करेगा। आईपीएल में भी हमने यही देखा था।”
गांगुली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियाँ अलग होंगी और वैभव को उनके अनुसार खुद को ढालना होगा।
“जाहिर है, भारत के लिए खेलना अलग बात है। वह ऐसे दौरों पर जाएगा जहाँ विकेट थोड़े अलग होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “वहाँ गेंद ज्यादा सीम करेगी, नई गेंद से अतिरिक्त उछाल और मूवमेंट मिलेगा। इसलिए खेल थोड़ा अलग होगा। लेकिन मुझे लगता है कि उसके पास असाधारण प्रतिभा है।”
गांगुली ने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, “इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए। उससे तुरंत पूरी दुनिया जीत लेने की उम्मीद मत कीजिए। उसे बस समय दीजिए ताकि वह खुद को स्थापित कर सके। भारत में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और वह भी उनमें से एक है।”
वहीं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने वैभव के अनुभव की कमी को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उनका मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से खुद राष्ट्रीय टीम का दरवाज़ा तोड़कर जगह बनाई है।
डीविलियर्स ने कहा, “यह कहना आसान है कि वह अभी बहुत छोटा है, तैयार नहीं है या उसे और अनुभव की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन उसने अपने प्रदर्शन से चयन का दरवाज़ा तोड़ दिया है और भारतीय टी20 टीम में अपनी जगह पूरी तरह से हासिल की है। मैं उसके लिए बहुत खुश हूँ।”








