फीफा विश्व कप: फ्रांस बनाम स्पेन से पहले किलियन एम्बाप्पे की दुविधा ने क्लब बनाम देश की बहस को फिर दी हवा!

किलियन एम्बाप्पे फीफा विश्व कप में फ्रांस के लिए लगातार गोल कर रहे हैं, लेकिन रियल मैड्रिड के लिए उन्हें मिल रही आलोचनाओं पर वह पूरी तरह विराम नहीं लगा पाए हैं।

मंगलवार को डलास में स्पेन के खिलाफ होने वाले विश्व कप सेमीफाइनल से पहले, फ्रांस के कप्तान एम्बाप्पे शानदार फॉर्म में हैं। यही इस विश्व कप की सबसे दिलचस्प बातों में से एक है कि ‘ले ब्लूज़’ के लिए उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है, जबकि क्लब स्तर पर उनका दूसरा सीजन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा।

रियल मैड्रिड के साथ अपना दूसरा सीजन खत्म करने के कुछ ही हफ्तों बाद एम्बाप्पे अमेरिका में खेले जा रहे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, 2024 में रियल मैड्रिड से जुड़ने के बाद बीते दो वर्षों में क्लब कोई बड़ा खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाया है।

दिलचस्प बात यह है कि विश्व कप में अब तक रियल मैड्रिड के खिलाड़ियों ने कुल 19 गोल किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले हंगरी के होनवेड (1954), बायर्न म्यूनिख (2014) और पेरिस सेंट-जर्मेन (2022) के खिलाड़ियों ने एक विश्व कप में संयुक्त रूप से 18-18 गोल किए थे।

हालांकि, हैरानी की बात यह है कि विश्व कप में अब तक 36 बार ला लीगा चैंपियन रहे रियल मैड्रिड के स्पेनिश खिलाड़ियों में से किसी ने भी गोल नहीं किया है।

इंग्लैंड के जूड बेलिंघम ने छह गोल कर रियल मैड्रिड के इस रिकॉर्ड में अहम योगदान दिया है, लेकिन सबसे बड़ा योगदान एम्बाप्पे का रहा है। उन्होंने अब तक आठ गोल किए हैं और लियोनेल मेसी के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।

27 वर्षीय एम्बाप्पे उसी विश्व कप में फिर अपने सर्वश्रेष्ठ अंदाज में नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने 2018 में किशोर खिलाड़ी के रूप में फ्रांस को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

2022 विश्व कप फाइनल में मिली हार के चार साल बाद एम्बाप्पे, मुख्य कोच दिदिएर डेशॉम्प्स और पूरी फ्रांसीसी टीम अब फ्रांस की जर्सी पर तीसरा विश्व कप सितारा जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

हालांकि, विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बावजूद मैड्रिड में उन्हें सीजन के अंत में जिस आलोचना का सामना करना पड़ा, वह पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कुछ लोगों का मानना था कि एम्बाप्पे ने क्लब से ज्यादा अपने देश को प्राथमिकता दी, जिसे कई प्रशंसकों ने फुटबॉल के प्रति लगभग “अक्षम्य अपराध” जैसा माना।

रियल मैड्रिड के साथ उनका दूसरा सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम ला लीगा खिताब की दौड़ में बार्सिलोना से पीछे रह गई और यूईएफए चैंपियंस लीग से भी बायर्न म्यूनिख के हाथों जल्दी बाहर हो गई।

हालांकि एम्बाप्पे ने 44 मुकाबलों में 42 गोल किए, जिनमें ला लीगा में 25 गोल शामिल थे, और लगातार दूसरे सीजन पिचिची ट्रॉफी (ला लीगा के शीर्ष गोलस्कोरर) अपने नाम की, लेकिन उनके शानदार व्यक्तिगत आंकड़े भी क्लब में उठे सवालों को शांत नहीं कर सके। रियल मैड्रिड जैसे क्लब में व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा ट्रॉफियों को महत्व दिया जाता है।

अब रियल मैड्रिड के प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि जिस तरह एम्बाप्पे विश्व कप में फ्रांस की अगुआई कर रहे हैं, उसी तरह वह आगामी सीजन में अपने क्लब को भी बड़ी सफलताएं दिलाएंगे।