कैप्सी और नाइट ने दिलाई इंग्लैंड को सीरीज जीत, भारत को मिली छह विकेट से हार!

एलिस कैप्सी की 82 रन की शानदार पारी और हीदर नाइट के नाबाद 70 रन की बदौलत इंग्लैंड ने मंगलवार को टॉनटन में खेले गए तीसरे और अंतिम महिला टी20 मुकाबले में भारत को छह विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

इस हार के बाद महिला टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भारतीय टीम के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।

181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 184/4 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा। जीत की सबसे बड़ी वजह एलिस कैप्सी और हीदर नाइट के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 137 रन की साझेदारी रही।

इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी। पावरप्ले में ही टीम ने सोफिया डंकली, डैनी वायट-हॉज और एमी जोन्स के विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 38/3 हो गया था।

वापसी कर रहीं तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने वायट-हॉज और एमी जोन्स दोनों को जल्दी आउट किया। खासतौर पर वायट-हॉज को उन्होंने बेहतरीन गेंद पर बोल्ड किया, जो तेजी से अंदर आई और सीधे स्टंप्स से जा टकराई।

शुरुआती झटकों के बाद कैप्सी और नाइट ने पारी संभाली और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया। कैप्सी ने सिर्फ 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि नाइट ने 31 गेंदों में फिफ्टी लगाई।

अर्धशतक पूरा करने के बाद कैप्सी और ज्यादा आक्रामक हो गईं। उन्होंने बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के एक ओवर में एक चौका और लगातार दो छक्के जड़े।

हालांकि अरुंधति रेड्डी ने कैप्सी को आउट कर दिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ छह रन चाहिए थे और टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।

इससे पहले भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी करते हुए 40 गेंदों में 56 रन बनाए। उन्हें दीप्ति शर्मा का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 24 गेंदों पर 32 रन की पारी खेली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 67 रन जोड़कर भारत का स्कोर 180/5 तक पहुंचाया।

शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के जल्दी आउट होने के बावजूद यास्तिका भाटिया (18 गेंदों में 32 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (19 गेंदों में 29 रन) की तेज पारियों की बदौलत भारत ने पावरप्ले में 57/2 रन बना लिए थे।

कुछ समय तक संघर्ष करने के बाद हरमनप्रीत ने लय पकड़ी और लॉरेन बेल के खिलाफ लगातार चौके लगाए। उन्होंने पारी के अंतिम ओवर में 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनका 17वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक और इंग्लैंड के खिलाफ पहला था।

हरमनप्रीत की पारी की बदौलत भारत ने प्रतिस्पर्धी स्कोर तो खड़ा किया, लेकिन इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने यह काफी साबित नहीं हुआ।