पूर्व भारतीय ओपनर ने उठाए सवाल, फिटनेस साबित किए बिना हर्षित राणा का चयन कैसे हुआ?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सदगोप्पन रमेश ने भारतीय टीम प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि हर्षित राणा को अपनी फिटनेस साबित किए बिना भारतीय टीम में कैसे चुन लिया गया।

अपने यूट्यूब चैनल पर रमेश ने कहा, “घुटने की सर्जरी के बाद कहीं भी अपनी फिटनेस साबित किए बिना हर्षित राणा का सीधे भारतीय टीम में चयन कैसे हो गया? अगर आप घुटने की सर्जरी से पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं, तो उसके बाद हैमस्ट्रिंग या क्वाड्रिसेप्स की चोट लगने की संभावना रहती है, जैसा कि उनके साथ हुआ। इससे साफ है कि वह 100 प्रतिशत फिट होकर भारतीय टीम में नहीं लौटे थे। यह इस बात का सबूत है कि अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग पैमाने अपनाए जाते हैं। भारत तभी लगातार अच्छे नतीजे देगा, जब इस समस्या को सुधारा जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें आराम दिया गया था और उनकी चोट से पहले ही टीम का ऐलान हो चुका था। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन को पहले से पता था कि वह लगातार दो सीरीज नहीं खेल पाएंगे। यह हर्षित राणा की क्षमता का सवाल नहीं है।”

पूर्व भारतीय ओपनर ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह वॉशिंगटन सुंदर को खिलाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि टीम के पास रवि बिश्नोई को मौका देने का विकल्प था।

रमेश ने कहा, “वरुण चक्रवर्ती की चोट के कारण भारत को वॉशिंगटन सुंदर को खिलाना पड़ा, जबकि इंग्लैंड की टीम में केवल दो ही बाएं हाथ के बल्लेबाज़ थे। इससे यह भी साफ हो गया कि भारतीय टीम प्रबंधन को रवि बिश्नोई पर भरोसा नहीं है।”

ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही टीम सीरीज भी गंवा बैठी। इसके बाद भारत के नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के खराब प्रदर्शन को ‘संक्रमण का दौर’ बताया।

श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा, “बिल्कुल। देखिए, यह टीम के लिए संक्रमण का दौर है और इस दौरान हमसे काफी गलतियां होंगी। यहां कई युवा खिलाड़ी पहली बार विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हैं। ये गलतियां उन्हें यह समझने में मदद करेंगी कि विदेशों में खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना और जागरूक रहना कितना जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह भी जरूरी है कि आप अपनी गलतियों से जल्दी सीखें ताकि टीम को उसका फायदा मिल सके। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो जल्दी सीखते हैं। मुझे यकीन है कि वे खुद का आकलन करेंगे और अगले मैच में और मजबूत वापसी करेंगे।”