
स्विट्जरलैंड ने मंगलवार को फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 में कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर 1954 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला 0-0 से बराबरी पर रहा।
रूबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर स्विट्जरलैंड को जीत दिलाई। इससे पहले गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने कुचो हर्नांडेज़ की पेनल्टी रोककर अपनी टीम को बढ़त दिलाई थी। वहीं कोलंबिया के डेविन्सन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई, जिससे स्विट्जरलैंड को बड़ा फायदा मिला।
हालांकि मैनुएल अकांजी अपनी पेनल्टी को गोल में नहीं बदल सके और गेंद बार के ऊपर मार बैठे, लेकिन वर्गास ने दबाव के बीच शानदार पेनल्टी लगाकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचा दिया, जहां अब उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
कोलंबिया के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। टीम 2014 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का सपना देख रही थी, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका।
पूरा मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
पहले हाफ में कोलंबिया के गुस्तावो पुर्ता ने दूर कोने की ओर शानदार कर्लिंग शॉट लगाया, लेकिन स्विस गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने बेहतरीन डाइव लगाकर गेंद को गोल में जाने से रोक दिया।
इसके जवाब में स्विट्जरलैंड ने भी हमला किया, लेकिन कोलंबिया के गोलकीपर कैमिलो वर्गास ने फैबियन रीडर के करीबी एंगल से लगाए गए शॉट को शानदार तरीके से बचा लिया।
स्टॉपेज टाइम में स्विट्जरलैंड जीत के बेहद करीब पहुंच गया था। डैन नडोए ने शानदार रन लगाकर बॉक्स में जगह बनाई, लेकिन उनका शॉट दूर वाले पोस्ट के पास से बाहर निकल गया।
अतिरिक्त समय में कोलंबिया के जॉन लुकुमी ने कॉर्नर पर जोरदार हेडर लगाया, लेकिन गेंद क्रॉसबार से टकराकर वापस आ गई।
दोनों टीमों ने आखिरी मिनट तक गोल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सका और मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
कोलंबिया इस मुकाबले में टूर्नामेंट के सबसे मजबूत रक्षात्मक रिकॉर्ड के साथ उतरा था। उसने इससे पहले खेले गए मैचों में केवल एक गोल ही खाया था।
वहीं स्विट्जरलैंड को मैच शुरू होने से पहले बड़ा झटका लगा। टीम के 20 वर्षीय फॉरवर्ड योहान मैनजाम्बी, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में तीन गोल और दो असिस्ट किए थे, ट्रेनिंग के दौरान घुटने में चोट लगने के कारण बाहर हो गए।
लगातार छठा वर्ल्ड कप खेल रहे स्विट्जरलैंड को पिछले चार टूर्नामेंट (2006, 2014, 2018 और 2022) में हर बार राउंड ऑफ-16 से बाहर होना पड़ा था।
लेकिन इस बार टीम ने आखिरकार उस अभिशाप को तोड़ दिया और अपने इतिहास में चौथी बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने यूरो 2024 के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मिली हार की निराशा भी भुला दी।
जैसे ही रूबेन वर्गास ने विजयी पेनल्टी गोल में बदली, पूरी स्विस टीम मैदान पर दौड़ पड़ी और जोरदार जश्न मनाया।
हालांकि स्टेडियम का माहौल पूरी तरह कोलंबियाई प्रशंसकों के पक्ष में था। पीली जर्सी पहने हजारों समर्थकों की मौजूदगी और लगातार शोर के कारण ऐसा लग रहा था मानो दक्षिण अमेरिकी टीम अपने घरेलू मैदान पर खेल रही हो।
अब स्विट्जरलैंड का सामना क्वार्टर फाइनल में लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना से होगा। अर्जेंटीना ने मंगलवार को ही दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी।








