महिला टी20 विश्व कप: शेफाली वर्मा के अर्धशतक से भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया!

भारत की खराब फील्डिंग एक बार फिर चिंता का कारण बनी, लेकिन शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने गुरुवार को मैनचेस्टर में खेले गए महिला टी20 विश्व कप मुकाबले में बांग्लादेश को पांच विकेट से हरा दिया।

ओल्ड ट्रैफर्ड में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 8 विकेट पर 136 रन बनाए। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी कमजोर फील्डिंग का सिलसिला इस मैच में भी जारी रखा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भी भारत की फील्डिंग में कोई सुधार नहीं दिखा। पावरप्ले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने चार आसान कैच छोड़ दिए। हालांकि, शेफाली की विस्फोटक शुरुआत की बदौलत भारत ने 16.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। बीच के ओवरों में रनगति थोड़ी धीमी हुई, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन बनाकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया।

अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, क्योंकि टीम पहले ही दक्षिण अफ्रीका से हार चुकी है।

पावरप्ले में भारत ने एक विकेट पर 63 रन बना लिए थे। स्मृति मंधाना सस्ते में आउट हो गईं, लेकिन शेफाली ने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए लगातार शानदार शॉट लगाए।

उन्होंने आठवें ओवर में सिर्फ 29 गेंदों में अपना दूसरा टी20 विश्व कप अर्धशतक पूरा किया और भारत को आसान जीत की ओर बढ़ाया। हालांकि नौवें ओवर में नाहिदा अख्तर की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद शेफाली एक अजीब अंदाज में स्टंप आउट हो गईं। विकेटकीपर द्वारा गेंद पकड़कर बेल्स गिरा देने के बावजूद वह एक ऐसा रन लेने दौड़ पड़ीं जो था ही नहीं।

इससे पहले भारत की फील्डिंग बेहद निराशाजनक रही। छोड़े गए चारों कैच आसान थे, लेकिन भारतीय फील्डरों ने उन्हें लपकने में गलती की। नंदनी शर्मा, यास्तिका भाटिया और राधा यादव इसमें सबसे ज्यादा दोषी रहीं। राधा ने इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दो कैच छोड़े थे।

बांग्लादेश की जुइरिया फिरदौस को भारत की खराब फील्डिंग का सबसे ज्यादा फायदा मिला। उन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले। हालांकि वह इन मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा सकीं, लेकिन उन्होंने कुछ शानदार चौके जरूर लगाए।

नंदनी शर्मा ने फिरदौस और शोभना दोनों के कैच छोड़े और मैदान पर दौड़ने के दौरान उन्हें दो बार चेतावनी भी मिली। आखिरकार मोस्तारी ने अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लेकर फिरदौस को आउट किया। सलामी बल्लेबाज फिरदौस ने 31 गेंदों में 33 रन बनाए।

इस पूरे टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन हर विभाग में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम प्रबंधन ने तेज गेंदबाजी विभाग में लगातार बदलाव किए हैं और क्रांति गौड़ जैसे खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया।

रेणुका ठाकुर ने इस विश्व कप में अपना पहला मुकाबला खेला और पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (4) पुल शॉट खेलने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर श्री चरणी के हाथों कैच आउट हो गईं। श्री चरणी ने शानदार 20वां ओवर डाला, जिसमें उन्होंने सिर्फ तीन रन देकर दो विकेट लिए।

फील्डिंग में भले ही राधा यादव का प्रदर्शन खराब रहा, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार वापसी की। उन्होंने 28 रन देकर तीन विकेट लिए और मोस्तारी (26 गेंदों में 22 रन) तथा कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों में 32 रन) को लगातार गेंदों पर आउट किया।

ब्रिटेन में पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अच्छी मदद मिल रही है। इसी वजह से भारत ने बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन आक्रमण पर भरोसा किया। हालांकि, खराब फील्डिंग के अलावा भारत ने तीन नो-बॉल और सात वाइड गेंदें भी डालीं।