
भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर रखने के साथ-साथ सरफराज खान और औकिब नबी को टेस्ट टीम में जगह न दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं।
अजहरुद्दीन का मानना है कि वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी कर रहे शुभमन गिल ने कप्तान के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें किसी भी प्रारूप से बाहर नहीं किया जाना चाहिए था।
इस साल टी20 विश्व कप से पहले भारत के टी20 उपकप्तान रहे गिल को टीम से बाहर कर दिया गया था।
बुधवार को पीटीआई को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अजहरुद्दीन ने कहा, “गिल कप्तानी की जिम्मेदारी बहुत अच्छी तरह संभाल रहे हैं। उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी काफी सुधार आया है। वह बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। मुझे समझ नहीं आता कि उन्हें टी20 टीम में क्यों नहीं चुना जाता। वह सभी प्रारूपों के शानदार खिलाड़ी हैं और उन्हें किसी भी प्रारूप से बाहर नहीं किया जाना चाहिए था।”
अजहरुद्दीन का यह भी मानना है कि सरफराज खान और औकिब नबी को घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उचित पहचान नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, “औकिब नबी एक बेहतरीन रेड-बॉल गेंदबाज हैं। वह स्विंग गेंदबाजी के शानदार विशेषज्ञ हैं। मुझे उनके लिए बहुत दुख होता है। पिछले लगभग दो वर्षों में रणजी ट्रॉफी में 2024-25 सीजन में 44 विकेट और 2025-26 सीजन में 60 विकेट लेने के बावजूद उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली। यह बेहद निराशाजनक है।”
उन्होंने आगे कहा, “ये लड़के लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हर कोई कहता है कि घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी है, लेकिन जब उनके प्रदर्शन को मान्यता ही नहीं मिलती तो घरेलू क्रिकेट खेलने का क्या फायदा?”
अजहरुद्दीन ने आगे कहा, “फायदा क्या है अगर खिलाड़ी की उम्र निकल जाए और तब उसे मौका मिले? औकिब नबी कोई बहुत अच्छे टी20 गेंदबाज नहीं हैं, इसलिए यह समझना और स्वीकार करना चाहिए कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं।”
अजहरुद्दीन का मानना है कि भारत को और अधिक टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए।
उन्होंने कहा, “उन्हें ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने चाहिए क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के बिना क्रिकेट की कल्पना नहीं की जा सकती। यह हर मायने में एक परीक्षा है—परिस्थितियां बदलती हैं, पिच बदलती है और इसी वजह से इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है।”
“मुझे लगता है कि बोर्ड हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करता है, लेकिन हमें बहु-दिवसीय क्रिकेट को और बढ़ावा देना होगा।”
अजहरुद्दीन ने भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर को भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह एक अच्छे कप्तान साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें यह मौका पूरी तरह से योग्यता के आधार पर मिला है। वह एक अच्छे कप्तान बन सकते हैं। उनके पास क्रिकेट की बहुत अच्छी समझ है और मुझे यकीन है कि समय के साथ वह और बेहतर खिलाड़ी भी बनेंगे।”
अजहरुद्दीन ने भारतीय चयनकर्ताओं के उस फैसले का समर्थन भी किया, जिसमें सूर्यकुमार यादव को कप्तानी और टीम दोनों से बाहर कर दिया गया, जबकि उनकी कप्तानी में भारत ने रिकॉर्ड तीसरा टी20 विश्व कप जीता था।
उन्होंने कहा, “आपको लगातार प्रदर्शन करना पड़ता है क्योंकि प्रदर्शन ही सबसे ज्यादा मायने रखता है। आजकल बहुत सारे युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और आप केवल पुराने प्रदर्शन के भरोसे नहीं रह सकते। आपको हर बार खुद को साबित करना होता है।”
पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली को अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला खुद लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह बहुत व्यक्तिगत फैसला होता है। खिलाड़ी को खुद तय करना चाहिए कि उसके लिए कब रुकने का समय आ गया है और कब उसे लगता है कि अब काफी हो चुका है। लेकिन दोनों बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है।”
अजहरुद्दीन ने आगे कहा, “एक खिलाड़ी खुद जानता है कि उसके शरीर में क्या चल रहा है, उसकी मानसिक स्थिति कैसी है और उसके प्रदर्शन पर उसका क्या असर पड़ रहा है। इन दोनों खिलाड़ियों ने देश की बड़ी सेवा की है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।”








