‘चयन का ऐतिहासिक दिन’: सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम से बाहर किए जाने पर अश्विन हैरान!

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, जो हमेशा बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं, ने भारत की टी20 टीम से सूर्यकुमार यादव को बाहर किए जाने को “चयन का ऐतिहासिक दिन” बताया है।

अश्विन को चिंता है कि यह फैसला भविष्य की चयन प्रक्रियाओं के लिए एक नई “मिसाल (precedent)” बन सकता है। उनका मानना है कि सूर्यकुमार, जिन्होंने केवल तीन महीने पहले भारत को तीसरा टी20 विश्व कप जिताया था, उन्हें बल्लेबाज के रूप में खुद को साबित करने के लिए और समय मिलना चाहिए था, बजाय इसके कि उन्हें सीधे टीम से बाहर कर दिया जाए।

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के एक वीडियो शो में अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत दिलचस्प मिसाल है। जिस तरीके से यह सब किया गया है, उसे लेकर मैं थोड़ा चिंतित हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि यह चयन का एक ऐतिहासिक दिन है। क्योंकि भविष्य में जब भी ऐसा कोई मामला सामने आएगा, इस फैसले को एक उदाहरण के तौर पर देखा जाएगा।”

अश्विन ने खुद को सूर्यकुमार की जगह रखकर सोचने की कोशिश की।

“अगर मैं सूर्यकुमार की जगह होता तो सोचता — ठीक है, पिछले 15-18 महीनों में मेरी बल्लेबाजी उतनी अच्छी नहीं रही, जितनी हो सकती थी। लेकिन मैंने देश के लिए टी20 विश्व कप तो जिताया।”

टी20 विश्व कप में सूर्यकुमार का प्रदर्शन खास नहीं रहा था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 242 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 136.72 रहा था। इसके बाद आईपीएल 2026 में भी मुंबई इंडियंस के लिए उनका प्रदर्शन फीका रहा, जहां उन्होंने 270 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा।

अश्विन ने कहा, “हो सकता है कि बल्लेबाज के तौर पर उनका विश्व कप शानदार न रहा हो, लेकिन जैसे टीम के बाकी खिलाड़ी—कोच, उपकप्तान, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज—अपनी भूमिका निभा रहे थे, वैसे ही सूर्यकुमार भी कप्तान के तौर पर अपना योगदान दे रहे थे।”

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी विश्व कप विजेता कप्तान को पहले कभी बिना किसी चेतावनी या अंतिम मौका दिए सीधे टीम से बाहर किया गया है।

“क्या ऐसा कभी हुआ है कि टी20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान को अगले ही चयन में बाहर कर दिया गया हो? मुझे यकीन है कि उनके साथ बातचीत हुई होगी, लेकिन फिर भी यह बड़ा फैसला है।”

गौरतलब है कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने शनिवार को श्रेयस अय्यर को सूर्यकुमार यादव का उत्तराधिकारी नियुक्त किया। दिलचस्प बात यह है कि अय्यर ने पिछले दो वर्षों से भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है।

हालांकि, आईपीएल में उनका कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाया और 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाया।

श्रेयस की नियुक्ति पर अश्विन ने कहा, “हाल ही में हम चर्चा कर रहे थे कि श्रेयस अय्यर टी20 टीम में जगह पाने के हकदार हैं। मैं भी इससे सहमत हूं।”

लेकिन उन्होंने साथ ही यह सवाल भी उठाया कि विश्व कप जीतने वाली टीम के बाकी खिलाड़ियों के बारे में क्या सोचा गया।

“अगर मैं उस विश्व कप विजेता टीम के बाकी 14 खिलाड़ियों में से एक होता, तो सोचता—क्या हमने कप्तानी के लिए पर्याप्त नहीं किया?”

अश्विन का मानना है कि श्रेयस के पक्ष में सबसे बड़ा कारण उनका आईपीएल कप्तानी रिकॉर्ड रहा।

“उन्होंने केकेआर को खिताब दिलाया और आईपीएल में बेहतरीन कप्तानी की है। इसमें कोई शक नहीं कि वह शानदार कप्तान हैं और उन्होंने कई रणनीतिक फैसले सही लिए हैं।”

हालांकि उन्होंने उपकप्तान अक्षर पटेल के चयन पर भी सवाल उठाए।

“अगर उपकप्तान को अगला कप्तान नहीं बनाया जा सकता, तो फिर हम बार-बार पीछे जाकर वही सवाल पूछेंगे कि उपकप्तान बनाने का मतलब क्या था?”

अश्विन के अनुसार, कप्तानी के फैसलों में स्पष्टता और निरंतरता बेहद जरूरी है, वरना ऐसे फैसले भविष्य में कई नई बहसों को जन्म देंगे।