ICC ने खराब रोशनी में टेस्ट मैचों के दौरान पिंक बॉल के इस्तेमाल को दी मंजूरी, अब ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर आ सकेंगे कोच!

आईसीसी ने अहमदाबाद में हुई अपनी वार्षिक बैठक में टेस्ट मैचों के दौरान खराब रोशनी की स्थिति में ट्रायल आधार पर पिंक बॉल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, आईसीसी ने खेल के नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए अब हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान के अंदर आने की अनुमति भी दे दी है।

आईसीसी के बयान में कहा गया, “दोनों टीमों की पूर्व सहमति के साथ टेस्ट मैचों में खराब रोशनी की स्थिति में अधिक से अधिक खेल सुनिश्चित करने के लिए पिंक बॉल के इस्तेमाल का ट्रायल किया जाएगा।”

मैच की शुरुआत पारंपरिक लाल गेंद से ही होगी। लेकिन अगर खराब रोशनी के कारण खेल रुकता है, तो फ्लडलाइट्स चालू कर पिंक बॉल के साथ बाकी बचे ओवर पूरे कराए जा सकते हैं, जो अन्यथा रद्द हो जाते।

यह नियम कैसे काम करेगा?

एक दिन के टेस्ट क्रिकेट में कुल 90 ओवर होते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर लाल गेंद से 75 ओवर फेंके जा चुके हैं और खराब रोशनी के कारण बाकी 15 ओवर पूरे नहीं हो पा रहे हैं, तो वे ओवर फ्लडलाइट्स में पिंक बॉल से कराए जा सकते हैं।

हालांकि, ऐसा तभी संभव होगा जब दोनों टीमें सीरीज शुरू होने से पहले इस नियम पर सहमत हों।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस नियम को स्वीकार करता है या नहीं। भारतीय खिलाड़ी घरेलू मैदान पर पिंक बॉल टेस्ट खेलने को लेकर पहले भी ज्यादा उत्साहित नहीं रहे हैं। पिंक बॉल सीम गेंदबाजों को अधिक मूवमेंट देती है, जिससे मैच के नतीजे पर असर पड़ सकता है।

स्टेडियम की लाइटिंग तकनीक पर भी होगा रिसर्च

आईसीसी बोर्ड ने स्टेडियमों और मैच अधिकारियों के लिए बेहतर लाइटिंग तकनीक पर रिसर्च को भी मंजूरी दी है ताकि खराब रोशनी के कारण खेल में होने वाली देरी को कम किया जा सके।

इस रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को आईसीसी और मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) मिलकर फंड करेंगे।

टेस्ट क्रिकेट में आएंगे स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट

आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट में स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट जैसे बदलाव को भी मंजूरी दी है। अब टी20 मैचों की तरह कोच और सपोर्ट स्टाफ निर्धारित ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आकर खिलाड़ियों से रणनीति पर चर्चा कर सकेंगे।

आईसीसी ने कहा, “प्लेइंग कंडीशंस में बदलाव के तहत अब हेड कोच या उनके प्रतिनिधि ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम से सलाह-मशविरा कर सकेंगे। साथ ही टी20 इंटरनेशनल मैचों में 15 मिनट का इंटरवल अनिवार्य होगा और बल्लेबाजों को खेल दोबारा शुरू होने पर तुरंत तैयार रहना होगा।”

अवैध गेंदबाजी एक्शन पर भी सख्ती

गैरकानूनी गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखने के लिए अब ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉक-आई डेटा तक पहुंच दी जाएगी।

नियम में कहा गया, “मैच अधिकारियों को संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्ट करते समय हॉक-आई डेटा का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी।”

आईसीसी के सभी नए प्लेइंग कंडीशंस 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

अहमदाबाद में हुई दो दिवसीय बैठक में आईसीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते क्रिकेट कनाडा को निलंबित करने का फैसला भी लिया, जबकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनावों की निगरानी के लिए आईसीसी अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।