
आईपीएल 2026 के लीग चरण के खत्म होने में अब सिर्फ दस दिन बचे हैं और चार प्लेऑफ स्थानों के लिए आठ टीमें अभी भी दौड़ में बनी हुई हैं। चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों की देर से वापसी ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है।
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अब धीमी शुरुआत के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद भी शीर्ष टीमों में शामिल हो गई है।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात पंजाब किंग्स की गिरावट रही है। लीग के पहले हाफ में दबदबा बनाने वाली टीम अब लगातार चार हार के बाद मुश्किल स्थिति में पहुंच गई है।
वहीं मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं।
आरसीबी ने पिछले साल पहली बार आईपीएल खिताब जिताने वाली निरंतरता इस सीजन भी बनाए रखी है।
बुधवार रात उनका मुकाबला केकेआर से है और जीत उन्हें प्लेऑफ में पहुंचा देगी। हालांकि 16 अंकों की तुलना में 18 अंक ज्यादा सुरक्षित माने जा रहे हैं, इसलिए अंतिम चार में जगह पक्की करने के लिए आरसीबी को एक और जीत की जरूरत होगी। पिछले सीजन सिर्फ मुंबई इंडियंस ही 16 अंकों के साथ क्वालीफाई कर पाई थी।
11 मैचों में सात जीत और 14 अंकों के साथ आरसीबी का नेट रन रेट बाकी टीमों से बेहतर है। केकेआर के बाद उनके बाकी दो मुकाबले पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद से हैं।
पंजाब किंग्स ने आईपीएल के पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन किया था और अभी भी टॉप-4 में बनी हुई है, लेकिन खराब गेंदबाजी और फील्डिंग के कारण टीम लगातार चार मैच हार चुकी है।
मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप की वजह से उनका नेट रन रेट अब भी अच्छा है और मुंबई इंडियंस, आरसीबी और एसआरएच के खिलाफ बचे तीन मैचों में से दो जीत उन्हें प्लेऑफ तक पहुंचा सकती हैं।
11 मैचों में उनके 13 अंक हैं, जिसमें एक अंक केकेआर के खिलाफ बारिश से धुले मैच से मिला था। अब उन्हें धर्मशाला में मुंबई इंडियंस को हराना बेहद जरूरी है, वरना आखिरी दो मैचों से पहले उन पर भारी दबाव आ जाएगा।
गुजरात टाइटंस ने 2022 में डेब्यू के बाद सिर्फ एक बार प्लेऑफ मिस किया है। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम का टॉप ऑर्डर और गेंदबाजी दोनों शानदार फॉर्म में हैं, जिससे वे टॉप-2 में जगह बनाने की मजबूत दावेदार बन गई है।
12 मैचों में आठ जीत और 16 अंकों के साथ गुजरात प्लेऑफ के बेहद करीब पहुंच चुकी है। उनके अगले दो मुकाबले चेन्नई सुपर किंग्स और केकेआर के खिलाफ हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद भी सही समय पर लय में आती दिख रही है। टीम ने पिछले आठ मैचों में छह जीत दर्ज की हैं। आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ पैट कमिंस की गेंदबाजी यूनिट ने भी अच्छा साथ दिया है।
एसआरएच के पास चेन्नई सुपर किंग्स और आरसीबी के खिलाफ दो मैच बाकी हैं। 14 अंकों और 0.031 के सकारात्मक नेट रन रेट के साथ उन्हें प्लेऑफ में पहुंचने के लिए कम से कम दो और अंक चाहिए, हालांकि चार अंक ज्यादा सुरक्षित होंगे। मंगलवार रात गुजरात से हार उनकी 12 मैचों में पांचवीं हार थी।
चेन्नई सुपर किंग्स ने शुरुआती तीन हार के बाद शानदार वापसी करते हुए पिछले आठ में छह मैच जीते हैं। 15 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले में वे जीत की उम्मीद करेंगे, जिसके बाद उन्हें एसआरएच और गुजरात टाइटंस से भिड़ना है।
अब अगले दस दिनों में दावेदार टीमें आपस में भिड़ेंगी और 18 अंक ही प्लेऑफ की पक्की गारंटी माने जा रहे हैं। चेन्नई को क्वालीफाई करने के लिए अपने सभी बचे मैच जीतने होंगे।
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली केकेआर ने बेहद खराब शुरुआत के बाद लगातार चार जीत हासिल कर खुद को दौड़ में बनाए रखा है। टीम लगातार छह मैच हार चुकी थी लेकिन अब वापसी कर चुकी है।
केकेआर अधिकतम 17 अंक तक पहुंच सकती है, जो शायद क्वालीफिकेशन के लिए पर्याप्त हो। साथ ही उनके पास बाकी टीमों की तुलना में एक मैच ज्यादा है। केकेआर के आखिरी तीन मुकाबले घरेलू मैदान पर होंगे।
राजस्थान रॉयल्स को वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ियों के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद निरंतरता नहीं मिल पाई। टीम ने शुरुआती चार मैच जीते लेकिन अगले सात में पांच हार गई। पंजाब किंग्स की तरह राजस्थान की गेंदबाजी भी कमजोर रही है।
11 मैचों में 12 अंकों के साथ राजस्थान को भी बाकी तीन में कम से कम दो मैच जीतने होंगे और साथ ही दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। उनके बचे मुकाबले दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस से हैं, जिससे उन्हें उम्मीद जरूर होगी।
वहीं अक्षर पटेल की कप्तानी वाली दिल्ली कैपिटल्स की हालत लगभग खराब हो चुकी है। पंजाब किंग्स के खिलाफ जीत के बावजूद टीम को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अभी काफी कुछ करना बाकी है।
12 मैचों में दिल्ली के सिर्फ 10 अंक हैं और वे अधिकतम 14 अंक तक पहुंच सकती है। ऐसे में बड़े अंतर से जीत भी शायद उनके लिए पर्याप्त साबित न हो।








