
राहुल द्रविड़ को यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) की टीम डबलिन गार्डियंस का मालिक घोषित किया गया है। छह टीमों वाली यह लीग इस साल अगस्त में शुरू होने जा रही है।
ETPL यूरोप की पहली ICC-मान्यता प्राप्त मल्टी-कंट्री फ्रेंचाइज़ी टी20 लीग है, जिसे क्रिकेट आयरलैंड, क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन के साझेदारी में लॉन्च किया गया है। लीग में डबलिन, बेलफास्ट, एडिनबर्ग, ग्लासगो, रॉटरडैम और एम्स्टर्डम की टीमें हिस्सा लेंगी।
द्रविड़ ने एक बयान में कहा, “ETPL की जो सबसे बड़ी बात मुझे आकर्षित कर गई, वह इसका बड़ा विज़न था। यह सिर्फ एक लीग नहीं है, बल्कि यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देने, ग्रासरूट स्तर को मजबूत करने और आयरलैंड व पूरे यूरोप के उभरते खिलाड़ियों के लिए रास्ते तैयार करने का मौका है।”
उन्होंने आगे कहा, “डबलिन में पहले से ही क्रिकेट को लेकर जबरदस्त जुनून है और यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना हमेशा से मेरे लिए महत्वपूर्ण रहा है और मुझे विश्वास है कि ETPL इस सफर में अहम भूमिका निभा सकता है।”
बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन की सह-मालिकाना वाली इस लीग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई बड़े नामों को टीम मालिक के रूप में जोड़ा है। ग्लेन मैक्सवेल आयरिश वॉल्व्स के सह-मालिक हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ एम्स्टर्डम फ्लेम्स के सह-मालिक हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी नाथन मैकुलम और काइल मिल्स एडिनबर्ग कैसल रॉकर्स के मालिक हैं।
वहीं, क्रिस गेल ग्लासगो कॉस्मिक के सह-मालिक हैं, जबकि रॉटरडैम डॉकर्स के मालिक जोंटी रोड्स, फाफ डु प्लेसिस और हेनरिक क्लासेन हैं।
टीम मालिक होने के साथ-साथ फाफ डु प्लेसिस और ग्लेन मैक्सवेल टूर्नामेंट में खेलते हुए भी नजर आएंगे। उनके अलावा स्टीवन स्मिथ, मिचेल मार्श, टिम डेविड, मिचेल सैंटनर और लियम लिविंगस्टोन जैसे स्टार खिलाड़ी भी इस लीग का हिस्सा होंगे।
पूर्व भारतीय कप्तान और टी20 वर्ल्ड कप विजेता कोच द्रविड़ ने कहा, “मैं कुछ नामों को जानता हूं… और ये सभी शानदार खिलाड़ी हैं। स्थानीय आयरिश, स्कॉटिश, डच और यूरोपीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का यह उनके लिए शानदार मौका होगा। मुझे लगता है कि यह अपने आप में बेहद रोमांचक अवसर है।”
द्रविड़ ने कहा कि असली चुनौती ग्रासरूट स्तर पर क्रिकेट को बढ़ाना, लोगों में जागरूकता पैदा करना और दर्शकों को मैदान तक लाना होगा।
उन्होंने कहा, “ग्रासरूट स्तर पर सबसे जरूरी है फैंस के बीच जागरूकता पैदा करना, लोगों को मैदान तक लाना और उन्हें शानदार अनुभव देना।”
“जब लोग क्रिकेट देखने आएं, तो सिर्फ खेल की गुणवत्ता ही नहीं बल्कि स्टेडियम का पूरा अनुभव भी बेहतरीन होना चाहिए, क्योंकि हम ऐसे खेलों से मुकाबला कर रहे हैं जो पहले से ही बेहद स्थापित हैं।”








