
पंजाब किंग्स के ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे का कहना है कि उन्होंने पूर्व भारतीय खिलाड़ी और चयनकर्ता जतिन परांजपे के मार्गदर्शन में नेट्स में अपनी शॉट चयन क्षमता और मानसिकता पर काफी मेहनत की है।
23 वर्षीय शेडगे को इंडियन प्रीमियर लीग में मौका मिलने का इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ पंजाब किंग्स के लिए शानदार 57 रन बनाकर बड़ा प्रभाव छोड़ा। इसके बाद उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 17 गेंदों में तेज़ 25 रन भी बनाए।
मुंबई के वासु परांजपे क्रिकेट सेंटर में जतिन परांजपे के साथ ट्रेनिंग करने वाले शेडगे ने कहा कि उन्होंने दबाव की स्थिति में शांत और स्पष्ट सोच विकसित की है।
शेडगे ने शुक्रवार को पीटीआई से कहा, “पिछले डेढ़ साल मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं। जतिन सर ने सिर्फ मेरी बल्लेबाज़ी पर ही नहीं बल्कि मेरी मानसिकता और आत्मविश्वास पर भी काम किया। उन्होंने हमेशा मुझे अपने नैसर्गिक खेल पर भरोसा रखने और दबाव में साफ सोचने के लिए प्रेरित किया।”
परांजपे के अनुसार, क्रिकेटरों के लिए सही निर्णय लेने की क्षमता बेहद जरूरी होती है।
उन्होंने कहा, “आज के कई युवा क्रिकेटरों में प्रतिभा है, लेकिन असली फर्क मानसिकता और निर्णय लेने की क्षमता से पड़ता है।”
“सूर्यांश के साथ हमारा प्रयास चीज़ों को सरल बनाना, उसका आत्मविश्वास बढ़ाना और उसे अपने खेल पर भरोसा करना सिखाना था। उसे आगे बढ़ते और अपने मौकों का पूरा फायदा उठाते देखना अच्छा लग रहा है।”
परांजपे ने बताया कि उन्होंने नेट सत्रों के दौरान “सिमुलेशन बल्लेबाज़ी” पर विशेष काम किया।
उन्होंने कहा, “सूर्यांश खेल के हर फॉर्मेट—रेड बॉल और व्हाइट बॉल—में महत्वपूर्ण परिस्थितियों में बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी करता है। इन भूमिकाओं की जरूरतों को समझना और उन परिस्थितियों में सफल होने के लिए जरूरी शॉट्स पर हमने गहराई से काम किया है।”
“इन परिस्थितियों का अभ्यास करवाना और फिर सही शॉट चयन लागू करना हमारे प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा है।”








