रनों की बारिश वाला आईपीएल 2026: क्या हाई-स्कोरिंग मैच अब फीके लगने लगे हैं?

आईपीएल 2026 के इस सीजन में 30 से ज्यादा बार 200+ स्कोर बने हैं और मुकाबले ज़्यादातर बल्लेबाज़ों के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है — क्या इतने हाई-स्कोरिंग मैच अब थोड़ा बोरिंग होने लगे हैं?

न्यूज़ीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज़ और सनराइजर्स हैदराबाद के मौजूदा असिस्टेंट कोच जेम्स फ्रैंकलिन का मानना है कि यह तय करना दर्शकों पर निर्भर करता है कि ऐसे मैच बोरिंग हैं या नहीं।

उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं गेम में पूरी तरह शामिल हूं और जो इस वक्त हो रहा है उसी में डूबा हुआ हूं। यह बोरिंग हो रहा है या नहीं, यह फैसला दर्शकों और इसे देखने वालों पर निर्भर करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अभी के समय में मैच इसी तरह खेले जा रहे हैं, जहां स्कोर काफी बड़े बन रहे हैं। एक कोच और टीम के तौर पर हमें इसी के हिसाब से काम करना पड़ता है।”

दिल्ली कैपिटल्स ने इस सीजन में 260+ का बड़ा स्कोर बनाया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

इस पर फ्रैंकलिन ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में आईपीएल में गेंदबाज़ों को ज्यादा मदद मिलती है या नहीं, क्योंकि फिलहाल खेल पूरी तरह बल्लेबाज़ों की तरफ झुका हुआ है।

उन्होंने कहा, “मैंने वह मैच लाइव नहीं देखा, बाद में स्कोरकार्ड देखा तो यकीन नहीं हुआ। अभी हम 200+ स्कोर देखने के इतने आदी हो गए हैं कि अचानक इतना कम स्कोर देखना हैरान करने वाला था।”

उन्होंने आगे कहा, “आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों और अगले सीजनों में खेल थोड़ा बैलेंस होता है या नहीं, खासकर गेंदबाज़ों के पक्ष में।”

फ्रैंकलिन ने यह भी कहा कि फिलहाल कई कारणों से खेल बल्लेबाज़ों की ओर झुका हुआ है— जैसे पिच, इम्पैक्ट प्लेयर नियम और बल्लेबाज़ों का उच्च स्तर का स्किल।

उन्होंने कहा, “अभी ऐसा लगता है कि सब कुछ बल्लेबाज़ों के पक्ष में है। गेंदबाज़ बस पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।”

Previous articleशॉन पोलॉक ने आरसीबी कप्तान को फ्रेंचाइज़ी का सबसे महान बताया!
Next articleआईपीएल 2026: पंजाब किंग्स की पहली हार क्यों है ‘रियलिटी चेक’!
Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।