मनु भाकर की नजर एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप पर, वापसी को लेकर आत्मविश्वास से भरीं!

आगामी सीजन से पहले भारत की डबल ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर पूरे आत्मविश्वास में हैं और पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद मिले ब्रेक के बाद फिर से अपनी प्रतिस्पर्धी लय हासिल करना चाहती हैं।

मनु की नजर अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है। उनका मानना है कि ये बड़े टूर्नामेंट उन्हें वही प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देंगे, जिसकी मदद से उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के क्वालिफिकेशन चक्र की शुरुआत भी इसी साल से हो रही है।

नई दिल्ली में आयोजित नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के 75 साल पूरे होने के कार्यक्रम के दौरान मनु ने कहा, “इस साल के अंत में एशियन गेम्स (जापान) और वर्ल्ड चैंपियनशिप हैं, तो हम इन दोनों बड़े टूर्नामेंट्स का इंतजार कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं और मेरे कोच ने बैठकर आने वाली प्रतियोगिताओं और तैयारियों पर चर्चा की है। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ सही तरीके से प्लान कर लिया है और उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

झज्जर की इस शूटर ने पिछले साल 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ल्ड कप में सिल्वर और इस साल नई दिल्ली में एशियन चैंपियनशिप में 25 मीटर पिस्टल में सिल्वर जीता था, हालांकि पेरिस ओलंपिक के बाद उनका प्रदर्शन थोड़ा शांत रहा है।

2022 बर्मिंघम और अगली ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग के शामिल न होने के बाद, 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग की वापसी से मनु काफी खुश हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा पहला बड़ा ब्रेकथ्रू 2018 के ऑस्ट्रेलिया (गोल्ड कोस्ट) कॉमनवेल्थ गेम्स में आया था। बीच के दो संस्करणों में शूटिंग नहीं होने का दुख है, लेकिन 2030 गेम्स का इंतजार है। भारत मेजबानी करेगा और मुझे पूरा भरोसा है कि हम शानदार प्रदर्शन करेंगे।”

मनु ने अपने जीवन में आए बदलावों के बारे में भी बात की और बताया कि पेरिस ओलंपिक के दौरान उनमें आध्यात्मिकता की भावना और गहरी हुई है।

उन्होंने कहा, “मैं काफी आध्यात्मिक इंसान हूं। यह यात्रा ओलंपिक के समय शुरू हुई और मुझे खुशी है कि मैं इसे आगे भी जारी रख रही हूं।”

मनु ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी अपनी राय दी, जो तेजी से उभरते सितारे बन रहे हैं।

उन्होंने कहा, “अगर सही मार्गदर्शन और माहौल मिले, तो उम्र मायने नहीं रखती। टैलेंट की कोई समय सीमा नहीं होती—वह 6 साल की उम्र में भी दिख सकता है और 60 साल में भी। सही गाइडेंस के साथ वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा स्टार बन सकते हैं।”

मनु भाकर अब अगले महीने म्यूनिख में होने वाले ISSF वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगी।