
चेन्नई में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया, लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि टीम के लिए “पारी को अच्छे से खत्म करना” अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।
गुजरात ने 159 रन का लक्ष्य 20 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। शुभमन गिल (33), जोस बटलर (नाबाद 39) और साई सुदर्शन (46 गेंदों में 87 रन) ने जीत में अहम योगदान दिया।
मैच के बाद गिल ने कहा, “इस हिस्से में आकर इस तरह जीत हासिल करना बहुत अच्छा लगा। आखिरी चार-पांच ओवर छोड़ दें तो यह पूरा प्रदर्शन था। अगर आलोचना करनी हो, तो पारी को खत्म करना हमारी समस्या रही है और हमें इसमें सुधार करना होगा।”
गिल ने बताया कि टॉस जीतने के बाद वह बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी को लेकर थोड़े असमंजस में थे, लेकिन अंत में पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला सही साबित हुआ। गुजरात ने सीएसके को 158/7 पर रोक दिया।
कागिसो रबाडा (3/25) टीम के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
गिल ने कहा, “हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाज़ी की।”
राशिद खान को सिर्फ एक ओवर देने पर गिल ने कहा, “मैदान पर थोड़ी कन्फ्यूजन थी। जब शिवम दुबे आए, तो मैंने सोचा कि वॉशी (वॉशिंगटन सुंदर) को गेंदबाज़ी कराएं, लेकिन मैच हमारे नियंत्रण में था। मानव सुथार ने आखिरी ओवर में 12-13 रन दिए, जो ठीक था।”
गिल ने साई सुदर्शन की बल्लेबाज़ी की सराहना करते हुए कहा, “उनकी फॉर्म हमेशा से थी, बस क्रीज़ पर समय बिताने की जरूरत थी।”
सुदर्शन ने भी कहा कि पिछले मैच में बनाए गए शतक से उन्हें आत्मविश्वास मिला।
उन्होंने कहा, “मैं पिछली पारी से मिला आत्मविश्वास लेकर इस मैच में उतरा। शुरुआती 6 ओवर मुश्किल थे, लेकिन बाद में पिच बेहतर हो गई। शुभी (शुभमन गिल) ने शानदार खेला। जब मैं गेंद को अच्छे से मारता हूं, तो मैं लेट खेलता हूं।”
कागिसो रबाडा ने कहा कि खराब शुरुआत के बावजूद वह वापसी कर पाए और टीम के लिए योगदान देना अच्छा लगा।
उन्होंने कहा, “क्रिकेट में ऐसा होता है। मुझे खुशी है कि मैं टीम के लिए योगदान दे पाया। हमें ये दो अंक चाहिए थे और टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है।”
रबाडा ने आगे कहा, “आपको कभी भी संतुष्ट नहीं होना चाहिए और अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना चाहिए। जिस दिन आप सुधार करना बंद कर देते हैं, वही आपके करियर का अंत होता है।”
तेज गेंदबाज़ी आक्रमण पर उन्होंने कहा, “गुजरात की रणनीति हमेशा से तेज गेंदबाज़ों पर आधारित रही है। यह अच्छा है कि सभी तेज गेंदबाज़ मिलकर अच्छा कर रहे हैं। हम विकेट ले रहे हैं, लेकिन साथ ही रन रोकने के तरीके भी ढूंढने होंगे।”
सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने कहा कि उनकी टीम ने बहुत ज्यादा विकेट गंवाए और पिच पर शॉट खेलना मुश्किल था।
उन्होंने कहा, “पहली पारी में बल्लेबाज़ी करना चुनौतीपूर्ण था। गेंद रुककर आ रही थी और उछाल भी असमान था। हमने बहुत जल्दी विकेट गंवा दिए।”
पिच के बारे में उन्होंने कहा, “यह उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। हमें समझने में समय लगा और जब तक हम ढलते, तब तक देर हो चुकी थी।”
अपनी 60 गेंदों में 74 रन की पारी पर उन्होंने कहा,
“शुरुआत अच्छी थी, लेकिन विकेट गिरने के बाद साझेदारी बनानी जरूरी थी। मैंने समय लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की कोशिश की।”
उन्होंने माना कि यह टीम के लिए एक खराब दिन था और फील्डिंग में भी ऊर्जा की कमी दिखी।








