IPL 2026: क्यों यशस्वी जायसवाल को भारत का सर्वश्रेष्ठ ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी माना जा रहा है!

पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह के अनुसार, यशस्वी जायसवाल भारत के मौजूदा दौर के सबसे बेहतरीन ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे युवा बल्लेबाज़ों को टेस्ट क्रिकेट के लिए सही मानसिकता विकसित करनी होगी।

हरभजन ने बिना झिझक जायसवाल को “नई पीढ़ी का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़” बताया। उनका मानना है कि जायसवाल के पास हर फॉर्मेट के लिए जरूरी तकनीक और संतुलन मौजूद है।

उन्होंने कहा, “इन युवा बल्लेबाज़ों को खुद के लिए जगह बनानी होगी और यह साबित करना होगा कि वे टेस्ट टीम के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर बात सबसे बेहतर बल्लेबाज़ की करें, तो वह यशस्वी जायसवाल हैं, और हम उनके बारे में उतनी चर्चा भी नहीं कर रहे।”

हरभजन ने आगे कहा, “जायसवाल के पास T20 और टेस्ट दोनों के लिए जरूरी गुण हैं। वह एक सेशन तक गेंद छोड़ने का धैर्य रखते हैं और अगले ही सेशन में रन बनाना शुरू कर देते हैं। ऐसे माइंडसेट वाले खिलाड़ी बहुत कम होते हैं।”

उन्होंने जायसवाल की तुलना सूर्यवंशी और ईशान किशन से करते हुए कहा कि इन सभी में आक्रामकता तो है, लेकिन उन्हें परिस्थितियों के अनुसार डिफेंस भी सीखना होगा।

“जब गेंद स्विंग करती है या हालात बदलते हैं, तब आपको डिफेंस करना आना चाहिए। यह बहुत जरूरी है,” उन्होंने कहा।

हरभजन ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करना होगा।

“वह अभी युवा हैं, गलतियों से सीखेंगे। अगर 15 साल का लड़का छक्के मार सकता है, तो वह डिफेंस भी कर सकता है। यह सब मानसिकता पर निर्भर करता है। अगर उसे मौका मिलेगा, तो वह खुद को ढाल लेगा।”

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे युवा खिलाड़ियों को सीधे इंग्लैंड जैसे कठिन दौरे पर भेजना सही नहीं होगा।

“अगर हम चाहते हैं कि वह टेस्ट क्रिकेट खेले, तो हमें उसे धीरे-धीरे तैयार करना होगा,” उन्होंने कहा।

हरभजन ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर भी अपनी राय रखी और बेहतर पिचों की जरूरत बताई।

“टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि वहीं असली क्रिकेट और असली खिलाड़ी सामने आते हैं। पांच दिन तक चलने वाला मुकाबला हर दिन नई चुनौती देता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं ICC या BCCI की किसी कमेटी में होता, तो मैं कहता कि बेहतर पिचें तैयार करें, ताकि मैच पांच दिन तक चले, न कि तीन दिन में खत्म हो जाए।”

हरभजन के अनुसार, अच्छी पिचों से टेस्ट मैच लंबे चलेंगे और दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा, “एशेज जैसी सीरीज आज भी लोगों को स्टेडियम तक खींचती है। भारत में भी ऐसा हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही पिचें बनानी होंगी।”

स्पिन गेंदबाज़ी पर बात करते हुए हरभजन ने कहा कि आज के समय में स्पिन की कला कहीं खोती जा रही है।

“आजकल स्पिनर्स गेंद को घुमाते ही नहीं हैं। अगर आप गेंद को स्पिन नहीं कर रहे, तो आप बल्लेबाज़ के लिए चीजें आसान बना रहे हैं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि चाहे T20 हो या टेस्ट, असली क्लास तब दिखती है जब स्पिनर गेंद को हवा में घुमाकर बल्लेबाज़ को चकमा देता है।

“स्पिनर्स के पास बाउंसर या यॉर्कर नहीं होता, उन्हें बल्लेबाज़ को धोखा देकर आउट करना होता है। अगर वह धीमी गेंद नहीं डालेंगे और स्पिन नहीं करेंगे, तो बल्लेबाज़ कैसे आउट होगा?”

हरभजन का मानना है कि IPL जैसे बल्लेबाज़ी के अनुकूल माहौल में भी अच्छे स्पिनर्स सफल हो सकते हैं, बशर्ते वे मेहनत करें और विकेट लेने की मानसिकता रखें।

“जो स्पिनर मेहनत करते हैं और गेंद को सही तरीके से स्पिन कराते हैं, वही सफल होते हैं। बाकी सिर्फ रन रोकने का काम करते हैं, विकेट नहीं लेते,” उन्होंने कहा।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।