IPL 2026: सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ड्रीम डेब्यू के बाद भी प्रफुल हिंगे ज़मीन से जुड़े हुए हैं!

सनराइजर्स हैदराबाद के तेज़ गेंदबाज़ प्रफुल हिंगे का मानना है कि उन्होंने अपने करियर में अभी सिर्फ एक छोटा कदम ही उठाया है और IPL डेब्यू के बाद मिली अचानक लोकप्रियता से वह बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुए हैं।

हिंगे ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती दो ओवरों में वैभव सूर्यवंशी, ल्हुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग और ध्रुव जुरेल के विकेट लिए। उनके इस चार विकेट वाले स्पेल की बदौलत SRH ने 57 रन से जीत हासिल की।

हिंगे ने कहा, “मैंने पहले ही सोच लिया था कि मुझे भीड़ के शोर को दिमाग से बाहर रखना है और शांत रहना है। मैंने नेट्स में काफी गेंदबाज़ी की थी, इसलिए मैच में वही चीज़ें लागू करनी थीं। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा।”

इस प्रदर्शन के बाद वह रातों-रात सोशल मीडिया पर छा गए, लेकिन हिंगे इस सब से बेपरवाह हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं बदला हूं। यह तो बस शुरुआत है, अभी मुझे बहुत कुछ करना है। मैं खुद को पहले जैसा ही रखना चाहता हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं मशहूर हो गया हूं। अगर आप मेहनत करते हैं और मौका मिलता है, तो आपको 100 प्रतिशत देना चाहिए। मेरे साथ भी यही हुआ और यह एक शानदार शुरुआत रही।”

अपने चार विकेटों में से वैभव सूर्यवंशी का विकेट खास चर्चा में रहा। इस पर हिंगे ने अपनी रणनीति बताते हुए कहा, “मैंने उनके साथ अंडर-23 मैच खेला था और उन्हें बाउंसर पर आउट किया था। इस बार लगा कि अगर वही गेंद डालूंगा तो वह मार देंगे, क्योंकि वह पहली गेंद से ही आक्रामक खेल रहे थे। इसलिए मैंने बैक ऑफ लेंथ गेंद डाली और वह उसे सही से नहीं खेल पाए।”

डेब्यू से पहले हिंगे ने टीम के बड़े हिटर्स के खिलाफ नेट्स में गेंदबाज़ी कर आत्मविश्वास हासिल किया था।

उन्होंने कहा, “हमारी टीम का स्टाइल ही ऐसा है कि हर गेंद पर हिट करते हैं। नेट्स में भी वही एप्रोच रहता है, जिससे यह असली मैच जैसा लगता है। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाज़ों के खिलाफ गेंदबाज़ी करते हुए मैं ऐसी परिस्थितियों का आदी हो गया हूं। वे छक्के मारेंगे ही, इसलिए मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंद डालने की कोशिश करता हूं।”

विदर्भ के इस तेज़ गेंदबाज़ ने चेन्नई की MRF पेस अकादमी और ऑस्ट्रेलिया में मिले अनुभव को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, “MRF अकादमी में मुझे समझ आया कि मैं खुद को एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में कितना विकसित कर सकता हूं। वहां अलग-अलग राज्यों के गेंदबाज़ आते थे, जिससे मुझे अपनी स्थिति का अंदाज़ा हुआ और मैंने अपने स्किल्स पर काम शुरू किया। बाद में ऑस्ट्रेलिया जाने का अनुभव भी बहुत शानदार रहा।”

हिंगे ने पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ वरुण आरोन की भी तारीफ की, जिनके साथ उन्होंने काफी काम किया है।

उन्होंने कहा, “वह खुद तेज़ गेंदबाज़ हैं, इसलिए तेज़ गेंदबाज़ों को अच्छी तरह समझते हैं। वह मुझे कुछ अलग या अनोखा नहीं बताते, बल्कि वही बताते हैं जो मेरे शरीर के लिए सही है। ऐसे कोच और मेंटर्स का साथ मिलना बहुत फायदेमंद होता है। वह एक बेहतरीन इंसान हैं।”