
!भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मंगलवार को कटक में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम को बल्लेबाजी की गहराई के दम पर उबरते देख संतोष जताया और अपने साथियों को बेखौफ क्रिकेट खेलने के रास्ते पर बने रहने के लिए प्रेरित किया।
हार्दिक पांड्या की शानदार नाबाद 59 रन (28 गेंद) की पारी की बदौलत भारत ने 6 विकेट पर 175 रन बनाए और फिर दक्षिण अफ्रीका को 12.3 ओवर में 74 रन पर समेटकर 101 रन की बड़ी जीत दर्ज की।
मैच के बाद प्रेजेंटेशन में सूर्यकुमार यादव ने कहा, “मैंने टॉस के समय कहा था कि यह 50:50 था, लेकिन बल्लेबाजी करने में हमें कोई परेशानी नहीं थी। 48 पर 3 विकेट गिरने के बाद 175 तक पहुंचना शानदार था। हमें लगा था कि 160 तक आ जाएंगे, लेकिन 175 अविश्वसनीय रहा।”
भारत एक समय 104/5 के स्कोर पर संघर्ष कर रहा था, लेकिन बाद में टीम ने वापसी करते हुए एक मजबूत स्कोर खड़ा किया।
उन्होंने आगे कहा, “जब आपके पास 7-8 बल्लेबाज होते हैं, तो कुछ दिन ऐसे होंगे जब बाकी बल्लेबाज जिम्मेदारी संभाल लेते हैं। हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ी निडर होकर बल्लेबाजी करें और उसका मजा लें।”
पावरप्ले में हार्दिक पांड्या से गेंदबाजी न कराने के फैसले पर सूर्यकुमार ने कहा, “मुझे लगता है कि पावरप्ले में अर्शदीप और बुमराह एकदम सही गेंदबाज थे। हार्दिक चोट से वापसी कर रहे हैं, इसलिए हमें उनका ख्याल रखना था।”
क्वाड्रिसेप चोट से उबरकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे हार्दिक पांड्या ने छह चौके और चार छक्के लगाकर भारत को 175/6 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
हार्दिक ने कहा, “मुझे अपने शॉट्स पर भरोसा रखना था। मुझे लगा कि पिच में थोड़ी जान है, इसलिए थोड़ा साहसी होना जरूरी था। बात गेंद को तोड़ने की नहीं, बल्कि टाइमिंग की थी। मैं अपनी बल्लेबाजी से काफी संतुष्ट हूं।”
सितंबर में एशिया कप के दौरान हार्दिक को बाएं क्वाड्रिसेप में चोट लगी थी, जिसके कारण वह ऑस्ट्रेलिया दौरे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहे थे।
उन्होंने कहा, “पिछले छह-सात महीने फिटनेस के लिहाज से मेरे लिए काफी अच्छे रहे हैं। पिछले 50 दिनों में परिवार से दूर रहकर एनसीए में मेहनत की और जब यहां आकर ऐसे नतीजे मिलते हैं, तो संतोष मिलता है।”
पावरप्ले में गेंदबाजी न मिलने पर हार्दिक ने कहा, “मैंने कभी इस बात को लेकर फस नहीं किया कि मुझे क्या रोल दिया गया है। मेरे लिए हमेशा यह अहम रहा है कि भारत को क्या चाहिए, न कि हार्दिक पांड्या को क्या चाहिए।
“यही सोच मुझे आगे बढ़ाती है। मैंने हमेशा टीम को पहले रखा है, और यही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है।”
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने कहा कि वह दूसरे मैच से पहले जल्दी आगे बढ़ना चाहते हैं और इस बड़ी हार का कारण साझेदारियों की कमी बताया।
मार्करम ने कहा, “शुरुआत अच्छी रही, हमने उस पर फोकस किया था। बल्लेबाजी के लिहाज से, दुर्भाग्य से इस फॉर्मेट में ऐसा हो सकता है।
“अफसोस है कि यह पहले मैच में हुआ, लेकिन अब इस पर लाइन खींचनी होगी। जल्दी अगला मैच है और हम फिर से कोशिश करेंगे।”
पिच के बारे में उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि पिच थोड़ी चिपचिपी थी। गेंद में टेनिस-बॉल जैसी उछाल थी। 175 का स्कोर हम स्वीकार कर लेते। हमें भरोसा था कि हम इसे चेज कर लेंगे।”
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 74 रन दक्षिण अफ्रीका का सबसे कम स्कोर है।
मार्करम ने आगे कहा, “हमें बस बल्लेबाजी में बेहतर होना था, जो आज नहीं हो पाया। आज के टी20 क्रिकेट में रुककर सोचने का वक्त नहीं मिलता।
“सबसे बड़ा कारण साझेदारियां न बन पाना था। विकेट गिरने के बाद सेट होना और मोमेंटम बनाना जरूरी होता है। कल हम इस पर थोड़ी चर्चा करेंगे, लेकिन ज्यादा गहराई में नहीं जाएंगे। बस इसे पीछे छोड़कर पॉजिटिव चीजों पर फोकस करेंगे।”








