
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर टीम की हार से निराश जरूर दिखे, लेकिन उन्होंने शनिवार को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल में इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट की हार के लिए लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया। बिश्नोई का 29 रनों का महंगा ओवर मैच का रुख बदलने वाला साबित हुआ।
191 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड को आखिरी 24 गेंदों में 49 रनों की जरूरत थी और उसके चार विकेट बाकी थे। तभी बिश्नोई ने लगातार नो-बॉल डालीं, जिनके बाद मिली फ्री हिट पर जैकब बेथेल ने शानदार छक्के जड़ दिए।
मैच के बाद प्रेजेंटेशन में अय्यर ने कहा, “मुझे पता है कि मैच कहां हमारे हाथ से निकला, लेकिन मैं किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाना चाहता। 15वें (16वें) ओवर के बाद मोमेंटम हमारे हाथ से चला गया।”
भारतीय कप्तान के रूप में अब तक पहली जीत का इंतजार कर रहे अय्यर ने बिश्नोई की नो-बॉल की समस्या पर पूछे जाने पर अपने गेंदबाज का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है एक नो-बॉल थी, वह मजबूती से वापसी करेगा। फिर 17वें ओवर में मैच हाथ से निकल गया… उसे इससे सीखना होगा। इस पिच पर यह शानदार स्कोर था, आखिरी ओवर में तिलक की नाबाद 24 रनों की पारी बेहतरीन थी। लेकिन जहां श्रेय देना चाहिए, वहां देना होगा। बेथेल को देखकर लगा कि उसने सच में गेंदबाजों पर दबाव बनाया।”
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने सबसे युवा भारतीय इंटरनेशनल खिलाड़ी के रूप में अपना डेब्यू किया और कप्तान ने उनकी जमकर तारीफ की।
अय्यर ने कहा, “मुझे लगता है उसमें एक निडर रवैया है… उसे खेलते देखना शानदार है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि वह नर्वस होगा क्योंकि उसने पिछले कुछ महीनों और सालों में बेहतरीन क्रिकेट खेला है। उसने मौके को अच्छी तरह संभाला और उसकी बल्लेबाजी देखने में शानदार लगी।”
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को भरोसा था कि उनकी टीम लक्ष्य हासिल कर सकती है क्योंकि उन्हें पता था कि मैदान की एक तरफ की बाउंड्री काफी छोटी है और हवा के खिलाफ भी रन बनाए जा सकते हैं।
ब्रूक ने कहा, “हवा और मैदान के आकार को देखते हुए हमें पता था कि हम इसे चेज कर सकते हैं। पावरप्ले के बाद हम अपनी स्थिति से खुश थे। बेथेल ने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह शानदार था।”
ब्रूक ने अर्शदीप सिंह के एक ओवर में 27 रन बनाकर इंग्लैंड की पारी को रफ्तार दी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आपको पावरप्ले का जितना हो सके फायदा उठाना होता है। हमारे सभी बल्लेबाजों ने इनोवेशन दिखाया है और वे मैदान के हर हिस्से में शॉट लगा सकते हैं।”
उन्होंने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन बनाने वाले जैकब बेथेल की खूब तारीफ की।
ब्रूक ने कहा, “वह शानदार प्रतिभा है। मैदान में टीम को अच्छे से संभालता है। अपनी उम्र के हिसाब से वह काफी परिपक्व है। उसका करियर बहुत लंबा होने वाला है।”
वहीं बेथेल ने अपनी पारी का श्रेय कप्तान ब्रूक को दिया, जिन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी कर दबाव कम किया।
बेथेल ने कहा, “आखिर में सब अच्छा रहा। जब मैं बल्लेबाजी करने आया तो दो विकेट गिर चुके थे, लेकिन ब्रूकी ने मोमेंटम बना दिया था जिससे मेरे लिए चीजें आसान हो गईं। सभी ने योगदान दिया। इस तरह के रन चेज में आप पूरे समय तेजी से नहीं खेलते। दो बड़े ओवर आते हैं और मैच पलट जाता है।”
बिश्नोई के ओवर के बारे में बात करते हुए बेथेल ने माना कि लंबी बाउंड्री की तरफ शॉट लगाने के बावजूद किस्मत ने उनका साथ दिया।
उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मैं दूसरे छोर को निशाना बनाना चाहता था, जहां मेरी लेग साइड और हवा का फायदा था। लेकिन जब फ्री हिट मिलती है और गेंदबाज दबाव में होता है, तो आप मौका लेते हैं। अलग-अलग बाउंड्री साइज पर खेलने की बात यही है कि एक तरफ छक्का लगाना आसान हो सकता है, लेकिन बड़ी जगहों में भी रन बनाए जा सकते हैं। एक टीम के रूप में हमने यह अच्छी तरह किया।”







