महिला टी20 विश्व कप: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्मृति मंधाना के नए पावर गेम पर रहेंगी निगाहें!

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज शिखा पांडे का मानना है कि जब भारत आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप ए के अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा, तो स्मृति मंधाना का एक अधिक संपूर्ण टी20 बल्लेबाज के रूप में विकास चर्चा का बड़ा विषय रहेगा।

भारत ने टूर्नामेंट में अब तक दो मैचों में दो जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत की है। हालांकि, पांडे का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका का मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण फॉर्म में चल रही भारतीय सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के लिए अब तक की सबसे कठिन परीक्षा साबित होगा।

जियोहॉटस्टार के शो “गेम प्लान” में बातचीत के दौरान पांडे ने कहा कि मुकाबले का सबसे दिलचस्प पहलू शेफाली और अनुभवी तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल के बीच की टक्कर हो सकती है।

“भारत की सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को कई मजबूत शुरुआत दिलाई हैं। लेकिन अब उन्हें अपनी सबसे कठिन परीक्षा का सामना करना होगा। दक्षिण अफ्रीका के पास इस महिला टी20 विश्व कप का सबसे मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है।”

“शबनिम इस्माइल ने शानदार वापसी की है और अच्छी गति से गेंदबाजी कर रही हैं। मैरिज़ान कैप ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले ही तीन विकेट लिए हैं और शानदार नियंत्रण के साथ गेंदबाजी कर रही हैं। दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाजों को स्विंग, सीम और उछाल से चुनौती देंगी।”

पांडे ने कहा कि मंधाना को मूव होती गेंद के खिलाफ सावधानी बरतनी होगी, खासकर उनके पुराने आउट होने के तरीकों को देखते हुए।

“स्मृति मंधाना अतीत में शरीर से दूर ड्राइव खेलने की कोशिश में कई बार आउट हुई हैं, अक्सर स्लिप या विकेटकीपर के पीछे कैच देकर। उन्हें मूव होती गेंद के खिलाफ चयनात्मक रहना होगा। शेफाली को चुनौतियां पसंद हैं और इस्माइल बाउंसर डालने से नहीं डरतीं। यह मुकाबला काफी रोमांचक होगा।”

पांडे ने मंधाना की पावर हिटिंग में आए बदलाव की भी सराहना की और कहा कि बाएं हाथ की बल्लेबाज अब केवल टाइमिंग पर निर्भर नहीं हैं।

“भारत की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने अपनी पावर हिटिंग पर काफी मेहनत की है। इसका बेहतरीन उदाहरण डब्ल्यूपीएल फाइनल में देखने को मिला, जहां उन्होंने डीप मिडविकेट क्षेत्र में शानदार शॉट लगाए।”

“जो खिलाड़ी पहले अपनी टाइमिंग के लिए जानी जाती थी, उसके लिए यह बड़ा बदलाव है। स्मृति अब डीप स्क्वायर लेग क्षेत्र में भी रन बना रही हैं, जो पहले उनका प्रमुख स्कोरिंग एरिया नहीं था। वह अब सिर्फ टाइमिंग प्लेयर नहीं रहीं, बल्कि एक संपूर्ण टी20 बल्लेबाज बन चुकी हैं, जो विकेट के दोनों ओर दबदबा बना सकती हैं।”

इस बीच, पूर्व भारतीय बल्लेबाज वेदा कृष्णमूर्ति ने मध्यक्रम की बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ मैचों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।

“आप जेमिमा रोड्रिग्स के इस टी20 विश्व कप में अब तक के प्रदर्शन को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हो सकते। वह इतनी अच्छी खिलाड़ी हैं कि कुछ मैचों के आधार पर उनका मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।”

कृष्णमूर्ति ने कहा कि जेमिमा ने पहले भी बड़े मौकों पर अपनी क्षमता साबित की है।

“न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी पारी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में खेली गई मैच जिताऊ पारी दिखाती है कि वह क्या कर सकती हैं। उन्हें टीम और प्रबंधन का पूरा समर्थन हासिल है।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।