
चार साल बाद सिंगल्स टेनिस में वापसी करने वाली सेरेना विलियम्स का सफर मंगलवार को पहले ही दौर में समाप्त हो गया। विम्बलडन 2026 में वाइल्ड कार्ड के जरिए उतरी 44 वर्षीय अमेरिकी दिग्गज को ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने 6-3, 6-7(6), 6-3 से हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया।
सेरेना की कोशिश थी कि वह 2004 में मार्टिना नवरातिलोवा के बाद विम्बलडन में सिंगल्स मुकाबला जीतने वाली सबसे उम्रदराज़ महिला खिलाड़ी बनें। हालांकि वह यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं, लेकिन उन्होंने दर्शकों से मिले जबरदस्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
सेरेना ने कहा, “विम्बलडन में वापस आना मेरे लिए बेहद खास रहा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं फिर यहां खेलूंगी। सेंटर कोर्ट पर उतरना अविश्वसनीय अनुभव था। मैंने हर पल का आनंद लिया और इस मंच को बहुत मिस किया।”
20 वर्षीय माया जॉइंट के लिए यह उनके करियर की सबसे बड़ी जीत रही। खास बात यह है कि जब सेरेना ने अपना पहला ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीता था, तब माया का जन्म भी नहीं हुआ था।
जॉइंट ने कहा, “मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि क्या हुआ। मैं पूरी रात इस मैच के बारे में सोचती रही और ठीक से सो भी नहीं सकी। कोर्ट पर पहुंचते ही मैं सब कुछ भूल गई। मेरे पैर तक नहीं चल रहे थे, लेकिन किसी तरह अच्छी शुरुआत करने में सफल रही।”
उन्होंने आगे कहा, “सेरेना का व्यक्तित्व अविश्वसनीय है। वह एक महान खिलाड़ी हैं और सेंटर कोर्ट पर उनके खिलाफ खेलना हमेशा मेरा सपना था।”
अब सेरेना का ध्यान डबल्स स्पर्धा पर होगा, जहां वह अपनी बहन वीनस विलियम्स के साथ जोड़ी बनाएंगी। वहीं माया जॉइंट दूसरे दौर में फिलीपींस की 29वीं वरीयता प्राप्त अलेक्जेंड्रा ईला से भिड़ेंगी।
इससे पहले दिन में स्टान वावरिंका ने अपने करियर का आखिरी विम्बलडन मुकाबला खेला। 41 वर्षीय स्विस खिलाड़ी ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन चार सेट तक चले मुकाबले में माटेओ बेरेटिनी से हार गए।
महिला वर्ग की मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक को भी दूसरे दौर में पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-1, 2-6, 6-3 से हराया।
स्वियातेक ने कहा, “मैं खुश हूं कि मैं यह मुकाबला जीत सकी। दूसरे सेट में मैं काफी दबाव में थी, लेकिन फिर अपना खेल वापस हासिल कर लिया। ऐसे मुकाबले जीतना ज्यादा संतोष देता है, क्योंकि असली परीक्षा मुश्किल मैचों में होती है।”
पिछले साल फाइनल हारने वाली अमांडा अनिसिमोवा ने क्वालीफायर लीना ग्जोरचेस्का को 6-3, 6-2 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
पूर्व फाइनलिस्ट जैस्मीन पाओलिनी और करोलिना प्लिस्कोवा ने भी जीत दर्ज की। पाओलिनी ने पहला सेट 0-6 से गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए रॉबिन मोंटगोमरी को 0-6, 6-4, 7-5 से हराया, जबकि प्लिस्कोवा ने अपनी हमवतन टेरेज़ा वैलेंटोवा को 6-3, 6-4 से मात दी।
पूर्व विम्बलडन चैंपियन एलेना राइबाकिना ने भी तीन सेटों में लोइस बोइसन को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। हालांकि आठवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना को अपनी हमवतन दारिया स्निगुर के हाथों उलटफेर का सामना करना पड़ा।
पुरुष एकल में हाल ही में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने अलेक्जेंडर ब्लॉक्स को चार सेटों में हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।
ग्रिगोर दिमित्रोव ने भी शानदार वापसी करते हुए सीधे सेटों में डेन स्वीनी को हराया। पिछले साल वह चोट के कारण अपना अभियान पूरा नहीं कर पाए थे।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब चौथी वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन लगभग साढ़े चार घंटे तक चले रोमांचक पांच सेटों के मुकाबले में फिनलैंड के क्वालीफायर ओट्टो विर्तानेन से हारकर बाहर हो गए।
टेलर फ्रिट्ज ने दुशान लायोविच को सीधे सेटों में हराकर आसान जीत दर्ज की। उनके साथ अमेरिका के पैट्रिक काइप्सन, मार्कोस गिरोन और ज़ैकरी स्वाजदा भी अगले दौर में पहुंच गए।
ब्रिटेन के लिए भी दिन शानदार रहा। केटी स्वान, आर्थर फेरी और जैकब फर्नले ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में जगह बनाई।
ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर भी अगले दौर में पहुंच गए। उन्होंने स्वीकार किया कि अपना मैच खेलते हुए अपनी मंगेतर केटी बोल्टर की हार से उबरना आसान नहीं था।
डी मिनौर ने कहा, “केटी को हारते देखना मुश्किल था। वह हमेशा ऐसे पलों को बहुत मजबूती से संभालती हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने मैच पर पूरा ध्यान बनाए रखना था, जबकि आप चाहते हैं कि आपके करीब के सभी लोग जीतें।”







