सुमित अंतिल और नीरज चोपड़ा ने द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया!

पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में शिकायत दर्ज कराते हुए द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। उनकी इस शिकायत को ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा का भी समर्थन मिला है।

टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके अंतिल का कहना है कि कोच का व्यवहार खिलाड़ियों के लिए नुकसानदायक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोच ने कई बार उन्हें और नीरज को निशाना बनाया और यहां तक कि उनके परिवारों के लिए भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

अंतिल ने कहा, “उन्होंने हमें मानसिक रूप से परेशान किया और मेरे और नीरज के परिवारों को गालियां दीं। उनका व्यवहार अस्थिर लगता है।”

उन्होंने बताया कि हालात बिगड़ने के बाद उन्हें औपचारिक शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अंतिल के मुताबिक, कोच जानबूझकर अपनी आपत्तिजनक बातों की रिकॉर्डिंग उनके मैनेजर्स को भेजते थे ताकि वह उन तक पहुंचे।

SAI ने पुष्टि की है कि शिकायत मिली है और मामले की जांच संबंधित फेडरेशन के साथ की जा रही है। हालांकि, SAI ने यह भी साफ किया कि नवल सिंह उनके कर्मचारी नहीं हैं और फिलहाल एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के नेशनल कोचिंग कैंप के तहत काम कर रहे हैं।

2015 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड पाने वाले नवल सिंह इस समय एथलीट सचिन यादव को ट्रेनिंग दे रहे हैं। सचिन ने पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि नीरज चोट के बावजूद आठवें स्थान पर रहे थे। अब तक नवल सिंह ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अंतिल ने बताया कि उनकी शिकायत को नीरज चोपड़ा के अलावा पैरा जेवलिन थ्रोअर नवदीप सिंह और संदीप चौधरी का भी समर्थन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत किए एक हफ्ता हो चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

अंतिल ने अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हमारे जैसे खिलाड़ियों की भी बात नहीं सुनी जाती, तो बाकी लोग क्या उम्मीद करेंगे?”

उन्होंने कोच की मंशा पर भी सवाल उठाया और कहा कि शायद वह चाहते हैं कि सचिन यादव, नीरज को हराएं क्योंकि वह उनके साथ ट्रेनिंग करते हैं।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।