नीरज चोपड़ा दोहा डायमंड लीग में सीजन के पहले मुकाबले में चौथे स्थान पर रहे!

भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग में सीजन के अपने पहले मुकाबले में चौथा स्थान हासिल किया। चोट के कारण उन्हें अपने सीजन की शुरुआत टालनी पड़ी थी।

28 वर्षीय नीरज ने अपने पहले प्रतियोगी मुकाबले में 85.69 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जो उन्होंने तीसरे प्रयास में हासिल किया। इसी प्रदर्शन के साथ वह चौथे स्थान पर रहे।

सितंबर 2025 में टोक्यो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप से पहले लगी पीठ की चोट ने नीरज को काफी परेशान किया था। विश्व चैंपियनशिप में वह आठवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद चोट से उबरने के लिए उन्होंने तुर्किये में रिकवरी की और 25 मई से स्विट्जरलैंड में ट्रेनिंग कर रहे थे।

इस प्रतियोगिता में श्रीलंका के उभरते स्टार रुमेश थारंगा पाथिराजे ने 88.68 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। वहीं ग्रेनाडा के दो बार के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 86.38 मीटर के साथ दूसरे और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 85.99 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

हालांकि नीरज ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 82.61 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क को आसानी से पार कर लिया।

नीरज को पहले ही 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत की 32 सदस्यीय टीम में शामिल किया जा चुका है।

नीरज ने प्रतियोगिता की शुरुआत फाउल थ्रो से की। दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.77 मीटर का थ्रो कर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी पात्रता सुनिश्चित की। तीसरे प्रयास में उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान हासिल कर लिया था।

लेकिन चौथे राउंड में 23 वर्षीय रुमेश थारंगा पाथिराजे ने 88.68 मीटर का शानदार थ्रो कर बढ़त बना ली, जिससे नीरज चौथे स्थान पर खिसक गए।

पाथिराजे इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। पहले तीन राउंड में उनके थ्रो 82.62 मीटर, 84.63 मीटर और 80.53 मीटर रहे, लेकिन चौथे प्रयास में 88.68 मीटर का बड़ा थ्रो कर उन्होंने मुकाबले का रुख बदल दिया। इसके बाद उन्होंने 84.47 मीटर और 81.35 मीटर के थ्रो भी किए।

यह डायमंड लीग में उनकी दूसरी जीत रही। इससे पहले उन्होंने इस महीने रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का विशाल थ्रो कर खिताब जीता था, जो इस सीजन का विश्व का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वह 90 मीटर की दूरी पार करने वाले दुनिया के 28वें और एशिया के केवल चौथे खिलाड़ी बने थे। इस सीजन में वह दो और बार 89 मीटर से ज्यादा का थ्रो कर चुके हैं।

दोहा डायमंड लीग में आने से पहले उन्होंने चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में आयोजित प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक मीट में 86.57 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से दूर रहने के चलते नीरज इस बार पिछले साल जैसा प्रदर्शन नहीं दोहरा सके। पिछले साल दोहा में उन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो कर पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था और दूसरे स्थान पर रहे थे।

नीरज और पाथिराजे के बीच यह डायमंड लीग मंच पर पहली भिड़ंत थी। दोनों अब तक तीन बार आमने-सामने आ चुके हैं, जिसमें श्रीलंकाई खिलाड़ी का रिकॉर्ड 2-1 का हो गया है।

जुलाई 2025 में बेंगलुरु में आयोजित एनसी क्लासिक में नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि पाथिराजे 84.34 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं पिछले साल टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में पाथिराजे सातवें और नीरज आठवें स्थान पर रहे थे।