
देश के निशानेबाजी जगत में शोक की लहर के बीच स्टार भारतीय शूटर मनु भाकर ने शनिवार को अपने गुरु जसपाल राणा के निधन को “अपूरणीय क्षति” बताया।
राणा के मार्गदर्शन में ही मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। भारत के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में गिने जाने वाले जसपाल राणा ने खिलाड़ी के रूप में शानदार सफलता हासिल करने के बाद कोचिंग में भी बड़ी पहचान बनाई थी। हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
निधन के समय वह भारतीय पिस्टल टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे।
अपने 15 साल के शानदार प्रतिस्पर्धी करियर में जसपाल राणा ने कई उपलब्धियां हासिल कीं। उनके सबसे बड़े कारनामों में 2006 एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतना शामिल है। उस दौरान उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था।
मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर जसपाल राणा के साथ अपनी तीन तस्वीरें साझा करते हुए सिर्फ दो शब्द लिखे — “अपूरणीय क्षति”।
शुक्रवार रात मनु भाकर उस समय भी मौजूद थीं जब जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को देहरादून ले जाया जा रहा था। इस दौरान वह राणा के पिता एन. एस. राणा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नजर आईं।
जसपाल राणा के निधन से भारतीय निशानेबाजी जगत को गहरा झटका लगा है। एक महान खिलाड़ी, सफल कोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।








