
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में दूसरे टी20 इंटरनेशनल में इंग्लैंड से मिली हार के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर ढलना होगा और मिडिल ओवर्स में धीमी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा ताकि टीम अतिरिक्त रन जोड़ सके।
भारत अपने पिछले चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर पाया है। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पहला मैच रद्द होने से पहले भारत को आयरलैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हार मिली थी और अब दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को चार विकेट से हरा दिया।
पावरप्ले में 65/2 तक पहुंचने के बावजूद भारत की बल्लेबाजी की रफ्तार मिडिल ओवर्स में धीमी पड़ गई। भारतीय टीम ने 7वें से 10वें ओवर के बीच सिर्फ 32 रन बनाए, जिससे 10 ओवर के बाद स्कोर 96/2 रहा। इसके अलावा 14वें से 17वें ओवर के बीच टीम चार ओवरों में सिर्फ 23 रन ही बना सकी।
हार के बाद ईशान किशन ने पत्रकारों से कहा, “100 प्रतिशत, जाहिर है कि उन्हें बेहतर पता होता है कि किस गेंदबाज को कब लाना है और किस बल्लेबाज के खिलाफ क्या रणनीति रखनी है। वे इन परिस्थितियों को हमसे बेहतर समझते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन साथ ही हम सभी सुधार करना चाहते हैं। हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि वे हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उन्हें यहां की परिस्थितियों की ज्यादा जानकारी है। हर बल्लेबाज और पूरी टीम को यह समझना होगा कि हम अतिरिक्त 20 रन कहां से निकाल सकते हैं, चाहे वह बाउंड्री लगाकर हो या गैप ढूंढकर। इन चीजों पर हम टीम के रूप में बात करेंगे, समझेंगे और समय के साथ बेहतर होंगे।”
मैच का टर्निंग पॉइंट 17वां ओवर साबित हुआ, जब भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई ने लगातार दो नो-बॉल फेंकी और जैकब बेथेल (46 गेंदों में नाबाद 76 रन) ने तीन बड़े छक्के लगाकर इंग्लैंड को 191 रन का लक्ष्य एक ओवर बाकी रहते हासिल करने में मदद की।
किशन ने कहा, “हम हमेशा ऐसी स्थिति में थे जहां हमें लग रहा था कि मैच हमारे हाथ में है। लेकिन फ्री हिट मिलने से उन्हें दबाव से बाहर आने का मौका मिला।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हमने अच्छी गेंदबाजी की। हमारे पास अपनी योजनाएं थीं, लेकिन बेथेल को भी श्रेय देना होगा क्योंकि उन्होंने समय लिया, काफी देर तक क्रीज पर रहे और समझा कि कब और किस गेंदबाज पर आक्रमण करना है।”
किशन ने आगे कहा, “हम बेहतर कर सकते थे, शायद उन्हें वे फ्री गेंदें नहीं देनी चाहिए थीं जिन पर उन्होंने दो छक्के लगाए। बिना कोई गलती किए दो गेंदों में 12 रन मिलना टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में बहुत बड़ी बात होती है। अगली बार शायद हम उन्हें ऐसी अतिरिक्त गेंदें नहीं देंगे।”
हालांकि किशन ने माना कि लगातार हार का असर मानसिकता पर पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे इन मुश्किलों को समझकर टीम के रूप में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा, “हां, हम जीते नहीं हैं लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे जरूरी बात यह समझना है कि हर मैच से हम कहां बेहतर हो सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “सबसे अच्छी बात यह है कि हम सभी साथ हैं और सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं। जीत न मिलना आपकी मानसिकता पर असर डालता है, लेकिन मुझे लगता है कि हम सभी इतने परिपक्व हैं कि समझ सकें कि क्या हो रहा है और टीम के रूप में कहां सुधार करना है।”
कुछ दिन पहले ईशान किशन ने अपने साथी खिलाड़ी अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज का स्थान हासिल किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा कि नतीजों के बजाय अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान देने से उन्हें फायदा मिला।
किशन ने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर पर आप बस हर दिन बेहतर होने के बारे में सोचते हैं। हर किसी की सोच यही होनी चाहिए कि जब वे टीम में नहीं हैं तो अच्छी तैयारी करें क्योंकि आखिरकार आपको यहां आकर अपने देश के लिए खेलना होता है।”
उन्होंने कहा, “आप सिर्फ प्रदर्शन करना चाहते हैं और अपनी टीम को जिताना चाहते हैं, चाहे वह अपने प्रदर्शन से हो या टीम के साथ अनुभव साझा करके।”
किशन ने आगे कहा, “मुझे पता है कि मैं रन बना रहा हूं और अच्छी लय में हूं, लेकिन सुधार की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती क्योंकि हमेशा बेहतर होने की गुंजाइश रहती है। मैं बस बेहतर बनने पर ध्यान देता हूं और नतीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। शायद इसी सोच ने मेरी मदद की है।”
वहीं 15 साल और 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए। उन्होंने महान सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। युवा बल्लेबाज ने अपने डेब्यू मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल थे।
वैभव को लेकर किशन ने कहा, “वह पिछले दो साल से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम में आकर उन्होंने फर्क दिखाया है। जब आप किसी खिलाड़ी को देखते हैं तो समझ जाते हैं कि उसमें कितना टैलेंट है, वह टीम में क्या बदलाव ला सकता है और उसके अंदर कौन सा एक्स-फैक्टर है।”
उन्होंने आगे कहा, “सीनियर खिलाड़ी के तौर पर हमारा काम है कि हम उनका ध्यान रखें। ऐसा कोई समय नहीं आना चाहिए जब उनकी सोच गलत दिशा में चली जाए।”
किशन ने कहा, “जो वह पिछले दो साल से कर रहे हैं, वह किसी भी बल्लेबाज के लिए बहुत मुश्किल है। लेकिन उन्होंने इतनी कम उम्र में यह मुकाम हासिल किया है। हम बस उनके साथ खड़े रहना चाहते हैं।”







