आईपीएल 2026: ईशान किशन ने टीम इंडिया में वापसी का श्रेय मेहनत और बदली हुई सोच को दिया!

विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन ने बताया कि भारतीय टीम से करीब दो साल बाहर रहने के दौरान उन्होंने निराश होने के बजाय अपने खेल को बेहतर बनाने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दिया।

शानदार घरेलू सीजन के बाद, जिसमें उन्होंने झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई और 500 से ज्यादा रन बनाए, ईशान को इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में फिर से मौका मिला।

ईशान ने कहा, “जब मैं टीम से बाहर था, मैंने खुद से कहा कि मैं इस पर रो नहीं सकता या दुखी होकर बैठ नहीं सकता। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे आसान काम होता है। इससे आपको थोड़ी सहानुभूति मिल सकती है, लेकिन इससे आप आगे नहीं बढ़ते।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे पता था कि टीम में वापसी का सिर्फ एक ही रास्ता है—रन बनाना। इसलिए मैंने अपने खेल को सुधारने और ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर ध्यान दिया, चाहे इसके लिए मुझे और ज्यादा छक्के ही क्यों न लगाने पड़ें।”

ईशान ने बताया कि टीम से बाहर रहने के समय ने उन्हें खेल के प्रति और ज्यादा समर्पित बना दिया।

“लगातार रन बनाना ही आपको टीम में वापस ला सकता है। अगर 300 रन काफी नहीं हैं, तो 400 बनाओ; अगर वह भी कम हैं, तो 500 बनाओ। आखिर में क्रिकेट ही हमारी रोज़ी-रोटी है। जब आप टीम से बाहर होते हैं, तब इसकी अहमियत समझ में आती है और हर मैच का सम्मान करना सीखते हैं।”

उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाज़ी को लेकर भी अपनी सोच साझा की और कहा कि इस पोजीशन पर खेलने के अनुभव ने उन्हें लंबी पारी खेलने का आत्मविश्वास दिया है।

जयपुर में खेले गए आईपीएल मैच में उन्होंने 31 गेंदों पर 74 रन की तेज़ पारी खेलकर सनराइजर्स हैदराबाद को 228 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करने में मदद की।

ईशान ने कहा, “जब आप नंबर-3 पर लंबे समय से खेल रहे होते हैं और सेट हो जाते हैं, तो बड़ी पारी खेलने की कोशिश करते हैं और अंत तक टिके रहते हैं। इससे बाकी बल्लेबाज़ों का काम आसान हो जाता है और उन पर दबाव नहीं रहता।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं चीज़ों को सरल रखने की कोशिश करता हूं, अच्छा मानसिक संतुलन बनाए रखता हूं और एक-एक मैच पर ध्यान देता हूं। यह टीम गेम है— अगर आप अच्छा खेलते हैं, तो उसका असर बाकी खिलाड़ियों पर भी पड़ता है।”

ईशान ने माना कि उन्होंने भी गलतियां की हैं और उनका लक्ष्य उन्हें दोहराने से बचना है।

मैच के दौरान ईशान ने युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी से भी बात की और बताया कि उनकी बल्लेबाज़ी का विरोधी टीमों पर कितना असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, “मैं उसे बता रहा था कि वह जिस तरह खेल रहा है, वह कमाल है। कभी-कभी तो लगता है कि अगर वह कुछ और ओवर खेलता, तो स्कोर कितना बड़ा हो सकता था। इसलिए उसका विकेट लेना हमारे लिए बहुत जरूरी था। 228 का स्कोर 258 भी हो सकता था।”

उन्होंने मज़ाक में कहा, “मैंने उससे कहा—जब मेरे खिलाफ खेलो तो थोड़ा आसान खेलना, मुझे तुम्हारे सारे राज पता हैं।”

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की और उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बताया।

कैफ ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला टैलेंट है। वह बिना डर के खेलता है और आईपीएल में ऐसे बल्लेबाज़ी कर रहा है जैसे गली क्रिकेट खेल रहा हो।

उसकी लेंथ पहचानने की क्षमता, क्रीज़ पर संतुलन और ताकत—सब कुछ विश्वस्तरीय है। इतनी कम उम्र में शांत दिमाग होना बहुत खास बात है। अगर वह फिट और फोकस्ड रहता है, तो भारतीय क्रिकेट को अगले 20-25 साल के लिए एक सुपरस्टार मिल गया है।”