
दुनिया के नंबर 1 टी20I बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने बताया कि भारत के पूर्व ऑलराउंडर और उनके आदर्श युवराज सिंह के साथ ट्रेनिंग करने से उनके खेल में बड़ा बदलाव आया। उनका कहना है कि इस अनुभव ने उनकी सोच को मजबूत किया और उन्हें बड़े मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया।
जियोस्टार पर बात करते हुए अभिषेक ने याद किया कि लॉकडाउन के दौरान युवराज सिंह के साथ करीबी तौर पर काम करना उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ, जिसने उन्हें मानसिक और तकनीकी दोनों रूप से बेहतर बनाया।
अभिषेक ने कहा, “युवी पाजी (युवराज सिंह) के साथ ट्रेनिंग करना मेरे लिए बहुत बड़ा मौका था। मैं बचपन से ही उन्हें अपना आदर्श मानता था। शुरुआत में उन्होंने मुझे कुछ मार्गदर्शन दिया, लेकिन हमारे पास ज्यादा समय नहीं था। फिर लॉकडाउन आया और उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के साथ करीब से काम करने का फैसला किया। मैं खुशकिस्मत था कि मुझे यह मौका मिला।”
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने युवराज सिंह से मिली एक खास सीख का भी जिक्र किया, जिसने उनके खेल और आत्मविश्वास पर गहरा असर डाला।
उन्होंने कहा कि इस मार्गदर्शन ने उन्हें लंबे समय के लिए सोचने की समझ दी और सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल में अच्छा करने के बजाय बड़े स्तर पर मैच जीतने पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया।
“जब हमारा कैंप शुरू हुआ, उन्होंने एक बात कही जिसने मेरी सोच बदल दी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेनिंग सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल के लिए नहीं है, बल्कि भारत के लिए बड़े मैच जीतने के लिए है। उन्होंने मुझे मानसिक रूप से तैयार किया कि मैं अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन कर सकूं,” अभिषेक ने बताया।
अभिषेक ने यह भी बताया कि उनके पिता और भारत के बड़े मैचों को देखने से उन्हें क्रिकेटर बनने की प्रेरणा मिली।
उन्होंने कहा, “घर में शुरू से ही क्रिकेट का माहौल था। मेरे पिता पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं और कोच भी रहे हैं। उन्हें देखकर ही मैंने क्रिकेट अपनाने का फैसला किया।”
युवा बल्लेबाज़ ने यह भी याद किया कि भारत-पाकिस्तान मैच और वर्ल्ड कप जैसे बड़े मुकाबले देखकर उनके अंदर भारत के लिए खेलने का सपना जगा।
“जब मैं टीवी पर भारत-पाकिस्तान या वर्ल्ड कप मैच देखता था, तो मुझे बहुत प्रेरणा मिलती थी। मैं सोचता था कि मुझे भी उसी स्तर पर खेलना है,” उन्होंने कहा।








