
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा कि मैदान पर फैसले लेते समय वह अपने “गट फीलिंग” यानी अंदर की आवाज़ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली 30 रन की जीत का श्रेय कई “साहसी” फैसलों को दिया, जिसकी बदौलत राजस्थान ने IPL 2026 के प्लेऑफ में जगह पक्की की।
राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205/8 का स्कोर बनाया और फिर मुंबई इंडियंस को 175/9 पर रोक दिया। इस जीत के साथ RR ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के साथ अंतिम चार में जगह बना ली।
मैच के बाद रियान पराग ने कहा, “मैंने इस सीजन में कई साहसी फैसले लिए हैं, और मैं इसी तरह कप्तानी करना पसंद करता हूं। मुझे लगा कि सिर्फ आर्चर ही हार्दिक को आउट कर सकता है और उसने वही किया। मैं रियल-टाइम फैसलों में आंकड़ों से ज्यादा अपने इंस्टिंक्ट्स पर भरोसा करता हूं।”
जॉफ्रा आर्चर को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया, जहां उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में 32 रन ठोक दिए। बाद में गेंदबाजी में भी उन्होंने 3/17 के शानदार आंकड़े दर्ज किए, जिसमें रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या के अहम विकेट शामिल थे। इससे पराग की रणनीति पूरी तरह सफल साबित हुई।
पराग ने कहा, “जब चीजें प्लान के मुताबिक होती हैं तो अच्छा लगता है। हमने मैच जीता, लेकिन अभी भी कई चीजें बेहतर करनी हैं। मैं चाहता था कि सेट बल्लेबाज ज्यादा देर टिके क्योंकि हमें रन चाहिए थे। हम दो बल्लेबाजों को रन-ए-बॉल नहीं खेलने दे सकते थे। इसलिए हमने जडेजा को भेजा, हमें उनसे तेज़ 20 रन चाहिए थे और उन्होंने वही किया।”
असम के इस युवा बल्लेबाज ने यह भी स्वीकार किया कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, लेकिन प्लेऑफ में जरूर खेलेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह फिट नहीं था। मुझे आज या अगले मैच में खेलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अगले मैच में जरूर खेलूंगा। जॉफ्रा चट्टान की तरह मजबूत है। जड्डू (जडेजा) योद्धा हैं। हमें इससे काफी पहले क्वालिफाई कर लेना चाहिए था। हमने ढिलाई की।”
राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट डायरेक्टर कुमार संगकारा ने दबाव में शांत रहने के लिए गेंदबाजों की तारीफ की।
संगकारा ने कहा, “आखिरी टाइमआउट के दौरान सिर्फ प्लान पर टिके रहने और नर्व्स कंट्रोल करने की बात हुई थी। सभी गेंदबाजों ने शानदार काम किया।”
उन्होंने आर्चर को ऊपर बल्लेबाजी भेजने के फैसले पर कहा, “ये हमेशा अनुमान का खेल होता है और जब काम कर जाए तो शानदार लगता है। हमें पता है कि जॉफ्रा बल्ले से क्या कर सकता है। हम चाहते थे कि वह जाकर थोड़ा जोखिम ले।”
आर्चर की टीम में भूमिका की तारीफ करते हुए संगकारा ने कहा, “वह हर मैच में ऐसा ही रहा है। टीम में उसकी बहुत रुचि रहती है, वह सबकी मदद करता है। शुरुआत से ही वह हमारी गेंदबाजी का मुख्य हथियार रहा है।”
युवा स्पिनर यश राज पुंजा (2/44) की तारीफ करते हुए संगकारा ने कहा, “वह लंबा है, गेंद को अच्छी स्पिन देता है और उसकी लेग स्पिन व गूगली दोनों शानदार हैं। यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी विकेट थी, लेकिन अनुभवी बल्लेबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने गेंदबाजी की, वह कमाल था। हम उम्र नहीं, क्षमता देखते हैं।”
प्लेयर ऑफ द मैच बने जॉफ्रा आर्चर ने कहा कि तेज गति से गेंदबाजी करना और सही लाइन बनाए रखना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह मेरा सबसे बेहतरीन सीजन है। हर बार जब मैं गेंद हाथ में लेता हूं, तो अच्छे एरिया में गेंद डालने की कोशिश करता हूं। हमेशा इनाम नहीं मिलता, लेकिन आज महत्वपूर्ण दिन पर सफलता मिली।”
इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज ने बताया कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें स्लोअर गेंदों की बजाय अपनी गति बनाए रखने को कहा था।
उन्होंने कहा, “पहले कुछ मैचों के बाद उन्होंने कहा कि अब ज्यादा स्लोअर गेंदें नहीं डालनी हैं। तेज गेंदबाजी में गलती की गुंजाइश ज्यादा रहती है। कभी-कभी एज लगेंगे, लेकिन यह ज्यादा सुरक्षित रहता है।”
आर्चर ने यह भी माना कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें इतनी जल्दी बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा, “इम्पैक्ट सब की वजह से मुझे इतनी जल्दी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं थी। मुख्य कोच ने कहा कि पैड पहन लो, तो मैं पहले हैरान रह गया। मैं खुद को ऑलराउंडर मानता हूं, लेकिन लोग मुझे सिर्फ गेंदबाज कहते हैं।”
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या का मानना था कि उनकी टीम ने 10-15 रन ज्यादा दे दिए।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हमने 10-15 रन ज्यादा दे दिए। लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन पावरप्ले में हमने बहुत विकेट गंवा दिए। जब मैं बल्लेबाजी करने आया तो लगा कि गेंद अच्छे से आ रही है। दोनों पारियों में विकेट एक जैसी थी। बस शेप बनाए रखनी थी और अच्छे क्रिकेटिंग शॉट खेलने थे।”








